पूर्वी चंपारण : (East Champaran) बिहार में पूर्वी चंपारण के साइबर थाना पुलिस (The Cyber Police Station of East Champaran, Bihar) ने एक बड़े साइबर फ्राॅड गिरोह का खुलासा किया है। जिनका पाकिस्तानी लिंक (Pakistani links) सामने आया है।
पुलिस ने इस मामले में अमन कुमार, उम्र 25 वर्ष, पिता चन्द्रेश्वर प्रसाद, साकिन खाप गोपालपुर, वार्ड नं. 06, थाना केसरिया, और विशाल कुमार, पिता मोहन दास, साकिन लाला छपरा, थाना केसरिया को गिरफ्तार करते हुए इनके पास से 5 मोबाइल,3 एटीएम कार्ड,3 बैंक पासबुक, 2 चेकबुक, 9 सिम कार्ड और 2 मोबाइल का डब्बा बरामद किया है।जबकि इनसे पूछताछ के बाद पुलिस इस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश तेज कर दी है।
बताया गया कि यह सभी फ्राॅड विभिन्न सरकारी योजनाओं का लालच देकर ग्रामीणों से खाता खुलवाते थे,और फिर उस खाता में जालसाजी और फ्राॅड के रूपये मंगवाते थे। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल से कई संदिग्ध पाकिस्तानी नंबरों पर हुई व्हाट्सऐप चैटिंग भी मिली है।मिली जानकारी के अनुसार साइबर थाना पुलिस को दर्जनो ग्रामीणो ने लिखित शिकायत की थी,कि मो सदाम, विशाल कुमार दास, निखिल कुमार और अमन कुमार, स्थानीय साइबर कैफे संचालक रितेश कुमार के साथ मिलकर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर पोस्ट ऑफिस में उनके नाम पर खाता और सिम कार्ड खुलवाये। फिर उन्हीं खातों का इस्तेमाल देशभर में की गई साइबर ठगी की रकम मंगाने और निकालने के लिए करते थे।पुलिस ने इस शिकायत के बाद विशाल कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की और चांदमारी के एक लॉज में छापेमारी की गई, जहां से कई बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य संदिग्ध दस्तावेज मिले।
इसके बाद अमन कुमार के ठिकाने पर छापेमारी हुई, जहां से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक पासबुक और चेकबुक बरामद किए गए।
जांच के दौरान अमन कुमार का मोबाइल खंगालने पर कई संदिग्ध पाकिस्तानी नंबरों के साथ बातचीत का खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है,कि गिरोह ने केसरिया थाना क्षेत्र में सैकड़ों लोगों के नाम पर खाते खुलवाए थे। इन खातों में हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, तेलंगाना सहित कई राज्यों से ठगी की रकम मंगाई जाती थी।यह गिरोह फेक फेसबुक आईडी बनाकर किसी दोस्त के कस्टम (The gang created fake Facebook IDs and, under the pretext of a friend) में फंसे होने या आपात स्थिति का बहाना बनाकर पैसे मंगावाते थे,और फिर रकम को इन खातों में डलवा रहे थे।पुलिस ने
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 319 (2), 318(4), 338, 336(3), 340, 316(2), 61 (2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66C और 66D के तहत मामला दर्ज कर अग्रतर कारवाई में जुटी है।


