चंडीगढ़ : (Chandigarh) पंजाब के नौ जिलों (nine districts of Punjab) के एक हजार से अधिक गांवों में बाढ़ का प्रकोप थमा नहीं है। रविवार को राज्य के संगरूर में मकान की छत गिरने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि शनिवार की रात मोहाली जिले के गांव लालडू में एक किसान की पानी में बहने से मौत हो गई। रविवार दोपहर तक फाजिल्का, फिरोजपुर, कपूरथला, पठानकोट, तरनतारन, होशियारपुर, मोगा, गुरदासपुर और बरनाला में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, लेकिन कई जगहों पर पानी उतरना शुरू हो गया है।
घरों से लेकर फसलों तक को भारी नुकसान पहुंचा है। राहत एवं बचाव कार्यों में सरकार, एनडीआरएफ की 11 टीमें और चार जिलों, पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर (Pathankot, Hoshiarpur and Rupnagar) में सेना जुटी है। आज सुबह रावी नदी का जलस्तर बढऩे से गुरदासपुर के घोनेवाले में धुस्सी बांध टूट गया। इसके चलते पानी करीब 15 किलोमीटर दूर अजनाला शहर तक पहुंच गया। ब्यास का जल स्तर बढऩे से कपूरथला, होशियारपुर और उससे सटे इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। कपूरथला डीसी ने इलाके के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। रविवार सुबह संगरूर में हुई भारी बारिश के बाद गांव संगतपुरा में घर की छत गिर गई। जिसमें कर्मजीत कौर (60 वर्ष) की मौत हो गई। उनकी बेटी मंदीप कौर और दामाद सुखपाल सिंह गंभीर घायल हैं।
बीएसएफ के अनुसार बाढ़ प्रभावित सीमावर्ती गांवों में बचाव और राहत अभियान जारी है। आज फिरोजपुर में फंसे हुए ग्रामीणों को सूखा राशन (dry ration), मवेशियों को चारा वितरित किया और अपनी स्पीड बोटों से कमज़ोर और बीमार लोगों को बचाया। राहत सामग्री वितरण का यह अभियान जिला प्रशासन और स्थानीय गैर सरकारी संगठनों बाबा दीप सिंह सेवा समिति और हेमकुंट फाउंडेशन (local NGOs Baba Deep Singh Seva Samiti and Hemkunt Foundation) के सहयोग से चलाया गया।


