शिमला : (Shimla) हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भारी बारिश और भूस्खलनों के बीच श्री मणिमहेश यात्रा (Shri Manimahesh Yatra) निलंबित कर दी गई है। 24 अगस्त से हो रही मूसलधार वर्षा से चंबा-भरमौर मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ। इससे बड़ी संख्या में तीर्थयात्री फंस गए। इस आपात स्थिति में 14वीं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (National Disaster Response Force) (NDRF) की टीम ने मोर्चा संभाला और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तेजी से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। एनडीआरएफ ने अब तक 1459 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाला है। एनडीआरएफ के एक प्रवक्ता ने रविवार को ये जानकारी दी।
प्रवक्ता ने बताया कि कमांडेंट बलजिंदर सिंह (guidance of Commandant Baljinder Singh) के मार्गदर्शन में और निरीक्षक दीपक सिंह असवाल (leadership of Inspector Deepak Singh Aswal) के नेतृत्व में 14वीं बटालियन की टीम 30 अगस्त को जिला उपायुक्त कार्यालय चंबा पहुंची। टीम ने तुरंत रणनीति बनाकर विभिन्न प्रभावित स्थलों पर राहत अभियान शुरू किया। पहले दिन राख क्षेत्र से 192, बग्गा से 167 और रात भर चले विशेष अभियान में 270 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाला गया। इस तरह 30 अगस्त को कुल 629 यात्री बचाए गए।
राहत अभियान आज भी जारी है। बग्गा स्लाइडिंग प्वाइंट और धरवाला क्षेत्र में लगातार हो रहे भूस्खलनों और खराब मौसम के बावजूद एनडीआरएफ के जवान सक्रिय रहे और वहां से 830 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकालने में सफलता पाई। इस तरह दो दिनों के भीतर कुल 1459 श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
प्रवक्ता ने बताया कि टीम के जवान चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम में भी लगातार राहत कार्य में जुटे हुए हैं। प्रशासन और एनडीआरएफ के बीच समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी तीर्थयात्री मुश्किल में न फंसा रहे।


