मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र के उच्च शिक्षा मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता चंद्रकांत पाटिल ने मराठा नेता मनोज जारांगे पाटिल (Maharashtra’s Higher Education Minister and Bharatiya Janata Party leader Chandrakant Patil) पर निशाना साधा है।उन्होंने मनोज जारांगे के आंदोलन को मराठा आरक्षण के नाम पर राजनीतिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास बताया है।
मंत्री चंद्रकांत पाटिल (Minister Chandrakant Patil) ने रविवार को मुंबई में कहा कि मराठा आरक्षण के नाम पर मनोज जारांगे पाटिल का आंदोलन सिर्फ राजनीतिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि मराठा समाज को शिक्षा और मेडिकल प्रवेश के लिए सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (Socially and Economically Backward Classes) (SEBC) में आरक्षण दिया गया है, इसका लाभ मराठा समाज को हो रहा है। इसके बाद भी राज्य सरकार मनोज जारांगे पाटिल के इस आंदोलन से कैसे निपटा जाए, इसका प्रयास कर रही है।
चंद्रकांत पाटिल (Chandrakant Patil) ने कहा कि मराठा समाज के साथ कभी भी दलितों की तरह अछूत जैसा व्यवहार नहीं किया गया है, इसलिए यह समाज सामाजिक रुप से पिछड़ा नहीं माना जा सकता है। संविधान ने किसी जाति को पिछड़ा घोषित करने का अधिकार केवल पिछड़ा वर्ग आयोग को दिया है, शिंदे समिति इस पर निर्णय नहीं ले सकती।
उन्होंने कहा कि इससे पहले मनोज जारांगे के आंदोलन के बाद मराठा समाज को सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (SEBC) में आरक्षण दिया है। लेकिन इस आरक्षण में राजनीतिक आरक्षण नहीं है। वर्तमान आरक्षण गांव के सरपंच पद और राजनीतिक आरक्षण के लिए हो रहा है ।
उल्लेखनीय है कि मराठा आरक्षण के लिए मुंबई के आज़ाद मैदान में मनोज जरांगे पाटिल (Manoj Jarange Patil at Azad Maidan in Mumba) द्वारा शुरू किया गया आमरण अनशन रविवार को तीसरे दिन में प्रवेश कर गया। आज आजाद मैदान पहुंचकर डॉक्टरों की टीम ने मराठा नेता मनोज जारांगे के स्वास्थ्य की जांच की, जिसमें उनका रक्तचाप और मधुमेह सामान्य पाया गया है।


