कोलकाता : (Kolkata) पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार मामले (teacher recruitment corruption case) को लेकर जारी विवाद और गहरा गया है। स्कूल सर्विस कमीशन ने सुप्रीम कोर्ट के दबाव में शनिवार को अयोग्य शिक्षकों-शिक्षिकाओं की नई सूची सार्वजनिक की। नाम और रोल नंबर सहित जारी इस सूची में 474वें क्रम पर तृणमूल कांग्रेस की सोनारपुर नगरपालिका (Trinamool Congress’s Sonarpur Municipality) के 18 नंबर वार्ड की पार्षद कुहेली घोष का नाम भी सूची में आया है ।
कुहेली घोष (Kuheli Ghosh) इस समय सोनारपुर चौहाटी हाई स्कूल में इतिहास की शिक्षिका हैं । वह लगातार तीन बार तृणमूल पार्षद चुनी जा चुकी हैं। सूची में नाम आने के बाद उन्होंने नाराजगी जताते हुए साफ कहा है कि वो इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेंगी उनके अनुसार, “यह कोई नया विषय नहीं है। 2022 में भी मेरा नाम आया था। तब भी मीडिया में चर्चा हुई थी। मैं जानती हूं कि मैंने अपनी योग्यता के आधार पर नौकरी पाई है। मैंने सीबीआई को चुनौती दी थी, लेकिन उन्होंने न तो मुझे बुलाया और न ही कोई सूची प्रकाशित की। इस बार मेरा नाम क्यों आया है, यह मेरे लिए भी स्पष्ट नहीं है।”
कुहेली घोष पहले प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका थीं। बाद में उन्होंने वह नौकरी छोड़कर वर्तमान पद पर कार्यभार ग्रहण किया। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के निर्देशानुसार उनकी प्राथमिक की नौकरी बहाल होनी चाहिए। इस बीच उन्हें शुक्रवार की रात एक नई परीक्षा का एडमिट कार्ड (admit card) मिला, जबकि दूसरी आवेदन प्रक्रिया रद्द कर दी गई। इस विरोधाभास पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि इसका जवाब वही दे सकते हैं जिन्होंने सूची तैयार की है। उन्होंने बताया कि वह अपने वकील से परामर्श कर रही हैं और सोमवार को नया मुकदमा दायर करेंगी।
गौरतलब है कि कुहेली घोष (Kuheli Ghosh) अकेली नहीं हैं जिनका नाम इस सूची में आया है। तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) से जुड़े कई प्रभावशाली नेताओं और उनके रिश्तेदारों के नाम भी इसमें शामिल हैं। सूची में एक तृणमूल विधायक की बेटी और पूर्व मंत्री की बेटी का नाम भी मौजूद है।


