नई दिल्ली : (New Delhi) मुंबई स्थित लीप इंडिया (Mumbai-based Leap India) ने आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के लिए पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल (draft red herring prospectus (DRHP) with capital market regulator Securities and Exchange Board of India (SEBI) for an initial public offering (IPO)) किया है। कंपनी की योजना इस इश्यू के जरिए 2400 करोड़ रुपये जुटाने की है। इसके शेयरों को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है।
पूंजी बाजार नियामक सेबी के समक्ष जमा दस्तावेज के मुताबिक लीप इंडिया के एक रुपये अंकित मूल्य वाले प्रस्तावित इस आईपीओ में 400 करोड़ रुपये तक के इक्विटी शेयरों का नया निर्गम और वर्टिकल होल्डिंग्स II प्राइवेट लिमिटेड और केआईए ईबीटी स्कीम 3 (Vertical Holdings II Private Limited and KIA EBT Scheme 3) सहित मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 2,000 करोड़ रुपये तक की बिक्री पेशकश (ओएफएस) शामिल है। इसमें पात्र कर्मचारियों के लिए आरक्षण शामिल है, जिसमें कर्मचारी कोटे के तहत शेयरों पर छूट दी जाएगी।
पूर्ति शृंखला क्षेत्र में ऑन-डिमांड एसेट पूलिंग प्रदाता कंपनी लीप इंडिया नए निर्गम से प्राप्त आय में से 300 करोड़ रुपये उधारों के पूर्व भुगतान के लिए इस्तेमाल करेगी, जबकि शेष राशि कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने में खर्च करेगी। यह आईपीओ बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिए संचालित किया जाएगा, जिसमें शुद्ध प्रस्ताव का 50 फीसदी तक योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए आरक्षित होगा, जबकि 15 फीसदी गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) के लिए और 35 फीसदी खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों (आरआईआई) के लिए आरक्षित होगा।
उल्लेखनीय है कि 2013 में स्थापित लीप इंडिया ने अपना व्यवसाय “साझा करें और पुनः उपयोग करें” सर्कुलर मॉडल पर आधारित किया है, जिसे पूलिंग कहा (share and reuse” circular model, called pooling) जाता है। एफ एंड एस रिपोर्ट के अनुसार कंपनी भारत में पैलेट पूलिंग क्षेत्र में वर्तमान में बड़े पैमाने पर और राष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाली एकमात्र कंपनी (a large scale and national level in the pallet pooling sector in India) है।


