देहरादून : (Dehradun) देहरादून स्थित कृषि भवन में शनिवार को उत्तराखंड व नेपाल के मध्य कृषि और सम्बद्ध क्षेत्रों में पारस्परिक सहयोग पर आधारित बैठक में परिचर्चा की गई। बैठक में नेपाल सुदूर पश्चिम प्रांत के मुख्यमंत्री कमल शाह (Chief Minister of Nepal Far West Province Kamal Shah) ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच गहरे सामाजिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक संबंध हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों की जीवनशैली, खानपान, पहनावा और धार्मिक आस्थाएं एक-दूसरे से बहुत मिलती-जुलती हैं। विशेष रूप से उत्तराखंड राज्य, जो नेपाल की सीमा से लगा हुआ है, यहां के लोगों का नेपाल के लोगों के साथ सदियों से सामाजिक और सांस्कृतिक मेलजोल रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य में प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खेती के क्षेत्र में जो प्रयास किए जा रहे हैं, वे अत्यंत सराहनीय हैं। ये प्रयास न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कारगर हैं, बल्कि किसानों की आय को भी बढ़ावा देते हैं। पंचेश्वर बाध निर्माण और धारचूला में पुल निर्माण जैसी अन्तरराष्ट्रीय मुद्दों (international issues like Pancheshwar Dam construction and bridge construction in Dharchula) पर भी उन्होंने अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के कृषि मंत्री का धन्यवाद किया और उन्हें अपने प्रांत आने के लिए आमंत्रण दिया।
इस अवसर पर राज्य के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि भारत और नेपाल का रिश्ता रोटी-बेटी का है। उन्होंने बाबा केदार और बाबा पशुपतिनाथ की बात करते हुए दोनों राष्ट्रों के बीच धार्मिक महत्ता को भी प्रकट किया। उन्होंने बताया कि राज्य के तराई व भावर क्षेत्र खाद्यान्न उत्पादन के लिए उपयुक्त हैं, वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में औद्यानिकी और सगंध पौधों की भारी संभावनाएं हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य में कृषि क्षेत्र का सतत विकास हो रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि उत्तराखण्ड में क्लस्टर खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है और सेब की अति सघन बागवानी योजना सहित जैविक व एरोमैटिक कृषि पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मंत्री ने नेपाल से आए प्रतिनिधिमंडल से अपील की कि उत्तराखण्ड और नेपाल मिलकर कृषि और औद्यानिकी के क्षेत्र में सहयोग करें। बैठक में प्रगतिशील किसान पद्मश्री डॉ. प्रेमचंद शर्मा, मनमोहन भारद्वाज व अजयपाल सिंह पंवार सहित अन्य किसानों ने भी नेपाली मुख्यमंत्री का स्वागत किया। गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष कैप्टन पदम सिंह थापा के नेतृत्व में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल ने नेपाल के मुख्यमंत्री का स्वागत किया। नेपाल के प्रतिनिधिमंडल में सुदूरपश्चिम प्रांत की ओर से कृषि मंत्री वीर बहादुर थापा, मुख्य सचिव डॉ कमल प्रसाद पोखरेल और सीएम के राजनीतिक सलाहकार डॉ जीतू उपाध्याय ने परिचर्चा में भाग लिया। बैठक में उत्तराखंड के अधिकारी भी मौजूद रहे।


