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Shimla : भाजपा का विधायक प्राथमिकता बैठक से किनारा, कांग्रेस सरकार पर लगाए आरोप

शिमला : (Shimla) हिमाचल प्रदेश में विपक्षी दल भाजपा ने आज से सचिवालय में शुरू हुईं दो दिवसीय विधायक प्राथमिकता बैठक का बहिष्कार कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (Leader of Opposition and former Chief Minister Jairam Thakur) ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में कांग्रेस सरकार पर विधायकों की अनदेखी और विपक्षी विधायकों के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों में सरकार की कार्यशैली ने विपक्षी विधायकों को हाशिए पर धकेलने का काम किया।

डीपीआर न बनने पर उठाए सवाल

जयराम ठाकुर ने कहा कि परंपरा के अनुसार भाजपा विधायक हर साल विधायक प्राथमिकता बैठक में भाग लेते रहे हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में उनकी सिफारिशों पर कोई अमल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हमने पीडब्ल्यूडी और आईपीएच विभाग से संबंधित योजनाओं को प्राथमिकता दी लेकिन उनकी डीपीआर तक नहीं बनाई गई। जब डीपीआर ही नहीं बनेगी तो विकास कार्य कैसे होंगे?

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार भाजपा विधायकों की योजनाओं को नाबार्ड के समक्ष प्रस्तुत ही नहीं कर रही है। डीपीआर तैयार होने के बावजूद सरकार उन पर अमल नहीं कर रही है और केवल उन्हीं विधायकों की योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है जो मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Chief Minister Sukhwinder Singh Sukhu) के करीबी हैं।

कांग्रेस के ही कई विधायक नाराज

जयराम ठाकुर ने दावा किया कि कांग्रेस के ही कई विधायक भाजपा से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें भी सरकार की नीति से निराशा है। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब सुक्खू जी विपक्ष में थे, तब विधायक संस्था की गरिमा की लंबी-लंबी बातें करते थे। लेकिन अब वे खुद ही विधायकों की अनदेखी कर रहे हैं।

‘विधायकों को किया जा रहा अपमानित’

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में विपक्षी विधायक ही नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल के भी कई विधायक उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के गैर-चुने हुए नेता ही विकास योजनाओं को तय कर रहे हैं। हमारे चुने हुए विधायकों को डिप्टी कमिश्नर के माध्यम से फंड स्वीकृत करवाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है, लेकिन दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी के जो लोग चुनाव भी नहीं जीते, वे अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकारी बैठकों और कार्यक्रमों में भाजपा विधायकों को निमंत्रण तक नहीं दिया जाता जबकि कांग्रेस के गैर-सरकारी नेताओं को विशेष महत्व दिया जा रहा है। “स्थानीय विधायक को छोड़कर गैर-निर्वाचित नेताओं को स्कूलों के वार्षिक समारोह और सरकारी आयोजनों में बुलाया जा रहा है।

‘वीरभद्र और धूमल के कार्यकाल में विधायकों को मिलता था सम्मान’

पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल का जिक्र करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि उनके कार्यकाल में सभी विधायकों को समान सम्मान और मंच मिलता था। लेकिन सुक्खू सरकार विपक्षी विधायकों को अपमानित करने पर तुली हुई है।

उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि विधायक संस्था की गरिमा को बनाए रखा जाए और सभी विधायकों को समान अवसर दिए जाएं। साथ ही भाजपा विधायकों की योजनाओं को भी प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी दी जाए।

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