spot_img

Rudraprayag : मदमहेश्वर यात्रा पड़ावों में फंसे 106 यात्रियों का हेलीकाप्टर से सफल रेस्क्यू

मार्कण्डेय नदी पर बना अस्थायी पुल नदी में समाया

रुद्रप्रयाग : पंच केदारों में द्वितीय केदार के नाम से विश्वविख्यात मदमहेश्वर यात्रा के आधार शिविर बनातोली में मार्कण्डेय नदी पर बना अस्थायी पुल के नदी में समा गया। इसके बाद मदमहेश्वर धाम सहित यात्रा पड़ावों पर फंसे 106 तीर्थ यात्रियों का हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू कर उन्हें रांसी गांव पहुंचाया गया है।

जिलाधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार के नेतृत्व में चले रेस्क्यू अभियान में जिला, तहसील, पुलिस प्रशासन, आपदा प्रबंधन, डीडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित विभिन्न विभागों व गौंडार, रांसी, उनियाणा के ग्रामीणों व मदमहेश्वर यात्रा पड़ावों पर व्यवसाय कर रहे व्यापारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि गुरुवार देर रात हुई भारी बारिश के कारण मदमहेश्वर मंदिर ट्रैक पर बनतोली गौंडार में मार्कण्डेय (मोरखंडा) नदी पर बना पैदल पुल बह जाने के कारण क्षेत्र से संपर्क बाधित हो गया था। सूचना प्राप्त होते ही जिलाधिकारी सौरभ गहरवार के निर्देशन में एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस तथा जिला प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी घटना स्थल के लिए रवाना हुए। जिलाधिकारी की निगरानी में हेली सेवाओं के माध्यम से मदमहेश्वर यात्रा रूट पर फंसे 106 यात्रियों का सफल रेस्क्यू किया गया।

यात्रियों का कहना था कि जिला प्रशासन एवं सरकार द्वारा यात्रियों के रेस्क्यू के लिए स्थानीय लोगों की मदद से अस्थाई हेलीपैड निर्माण से लेकर फूड पैकेट भी बेहद कम समय में सभी यात्रियों को उपलब्ध कराए गए। त्वरित गति से रेस्क्यू किए जाने के लिए तत्काल हेली सेवा के माध्यम से नानू हेलीपैड से रांसी हेलीपैड पहुंचाया गया, जिसके लिए उन्होंने राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन का आभार जताया।

जिलाधिकारी ने हेलीकॉप्टर से लिया जायजा

जिलाधिकारी डॉ सौरभ गहरवार ने हेलीकॉप्टर से गौंडार, बनतोली का हवाई निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि बनतोली में शीघ्र ट्राली के माध्यम से आवाजाही शुरू करने के साथ स्थाई पुल का निर्माण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मदमहेश्वर धाम सहित यात्रा पड़ावों पर व्यवसाय कर रहे ग्रामीणों की आजीविका मदमहेश्वर यात्रा पर निर्भर है इसलिए बनतोली में शीघ्र ट्राली लगाकर मदमहेश्वर यात्रा सुचारू करने के प्रयास किये जायेंगे।

Explore our articles