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Kathmandu : त्रिशुली नदी में लापता बस और यात्रियों को खोजने के लिए नेपाल पहुंची भारतीय एनडीआरएफ टीम

अत्याधुनिक उपकरणों के साथ एनडीआरएफ ने शुरू किया रेस्क्यू में ऑपरेशन
काठमांडू : (Kathmandu)
नेपाल की त्रिशुली नदी में 10 दिन पूर्व गिरी दो यात्री बसों और उसमें सवार यात्रियों को ढूंढने के लिए भारत की नेशनल डिजास्टर रेस्पांस फोर्स (ndia’s National Disaster Response Force) (एनडीआरएफ) टीम नेपाल पहुंच गई है और रविवार सुबह से रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाल ली है। एनडीआरएफ ने चितवन के सिमलताल में त्रिवेणी नदी के दुर्घटनास्थल से अपने रेस्क्यू ऑपरेशन की शुरुआत की है। रविवार की सुबह तक दोनों बसों में सवार 65 यात्रियों में से अब तक 25 यात्रियों का शव बरामद किये जा चुके हैं, जिसमें 17 शवों की पहचान हुई है।

एनडीआरएफ के अधिकारी कुणाल तिवारी के नेतृत्व में 12 सदस्यों की टोली शनिवार को ही दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र में पहुंची थी। नेपाल के सशस्त्र प्रहरी बल के साथ मिल कर एनडीआरएफ की टीम नदी के उस क्षेत्र में भी जाने की योजना बना रही है, जो अत्यधिक गहरा और जोखिमयुक्त है। एनडीआरएफ का नेतृत्व कर रहे कमांडिंग ऑफिसर कुणाल तिवारी ने कहा कि नेपाल के गोताखोरों के साथ एनडीआरएफ की गोताखोर की टीम अत्याधुनिक तकनीक के जऱिए आज से बसों और लापता यात्रियों के बारे में पता लगाने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि गहरे पानी में डूबी वस्तुओं और शवों का पता लगाने वाली कुछ अत्याधुनिक मशीने भी वो अपने साथ लेकर आए हैं, जिससे यहां रेस्क्यू करने में काफी मदद मिलेगी।

चितवन के प्रमुख जिलाधिकारी इन्द्रदेव यादव ने कहा कि नेपाल के पास रहे वाटर ड्रोन और सोनार कैमरे से बसों का पता नहीं लग पाया है, लेकिन एनडीआरएफ की टीम के पास एडवांस लेवल के सोनार कैमरे और वाटर ड्रोन के साथ अत्याधुनिक सेंसर मशीनें भी हैं, जिससे शवों के गहरे पानी में पता लगाया जा सकता है। प्रमुख जिलाधिकारी यादव ने उम्मीद जताई है कि अगले एक हफ्ते तक एनडीआरएफ की टीम को बसों के बारे में कोई ना कोई सुराग अवश्य मिल जाएगा।

नेपाल की तरफ से रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाल रहे एपीएफ के डीआईजी पुरुषोत्तम थापा ने बताया कि भारत से आई एनडीआरएफ की टीम के पास बहुत तेज बराव वाले नदियों में रेस्क्यू अपरेशन करने का काफी अनुभव है। इसके अलावा बाढ़ के कारण मिट्टी की अधिकता वाले पानी में भी भारतीय एनडीआरएफ की टीम के आने से काफी उम्मीद है कि बसों का सुराग और बाकी बचे लापता यात्रियों के बारे में पता लगाया जा सकेगा।

रविवार की सुबह तक दोनों बसों में सवार 65 यात्रियों में से अब तक 25 यात्रियों का शव बरामद किये जा चुके हैं। प्रमुख जिलाधिकारी की तरफ से जारी सूची में अब तक 17 शवों की पहचान होने की बात कही गई है। 40 शवों को ढूंढने का काम किया जा रहा है। अब तक बरामद शवों में एक उस बस का चालक भी है, जो बीरगंज से काठमांडू की तरफ आ रही थी।

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