लाखों रुपये का हुआ नुकसान
मुरैना : मुरैना जौरा के बीच स्थित छेरा गांव के पास मौजूद इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के गोदाम में बुधवार को आग लग गई। आग ने थोड़ी ही देर में रौद्र रूप धारण कर लिया। सूचना पर मुरैना व जौरा से आधा दर्जन दमकल गाडिय़ां पहुंची और आग पर पर काबू पाने का प्रयास किया। करीब दो-तीन घंटे के अथक प्रयास से आग पर काबू पाया जा सका। आगजनी में गोदाम में रखी सीएनजी पाइप लाइन तथा अन्य सामान जलकर राख हो गया। फिलहाल नुकसान का आंकलन अभी पूरी तरह नहींं लगा है। कंपनी के अधिकारी आंकलन कर रहे हैं।
एमएस रोड पर जाफराबाद गांव के पास निजी जमीन में आरआर रिसॉर्ट नाम से गोदाम बना हुआ है। उक्त गोदाम को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन द्वारा किराए से लिया गया है। गोदाम में सीएनजी पाइप लाइन सहित अन्य सामान रखा एकत्रित कर रखा हुआ है। बुधवार की सुबह लगभग 11 बजे इस गोदाम से धूंआ निकलते हुए लोगों ने देखा। जैसे ही भीतर जाकर देखा तो वहां लो भड़क रही थी। चूंकि वहां अधिकांश सामान प्लास्टिक का था इसलिए आग को रौद्र रूप धारण करने का समय अधिक नहीं लगा और कुछ ही समय में अग्नि की लपटें उठने लगीं। यह गोदाम एमएस रोड पर था और यह अफवाह फैल गई कि यह गोदाम सीएनजी गैस का है इसलिए कभी भी भयंकर विस्फोट हो सकता है। तब यहां इस मार्ग पर वाहनों के पहिए थम गए।
उधर, सूचना मिलने पर पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान दमकल गाड़ी भी मंगवा ली गईं। वहां पहुंची लगभग आधा दर्जन दमकल गाडिय़ों ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया । मौके पर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अधिकारी भी पहुंच गए थे। हालांकि इस आगजनी में कितना नुकसान हुआ है इसका सही सही आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
सीएनजी पाइप लाइन बिछाने का चल रहा है कार्य:
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन द्वारा इस क्षेत्र में सीएनजी पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। चूंकि क्षेत्र में सीएनजी के पंप भी खुल गए हैं और भविष्य में और भी पंप खुलने की संभावना है। इस बात को ध्यान में रखते हुए सीएनजी की पाइप लाइन बिछाई जा रही है। इसी पाइप लाइन का सामान जिसमें प्लास्टिक की पाइप लाईन सहित एल्वो, बेन्ड, क्लेम्प सहित अन्य सामान रखा हुआ था, जो आज जलकर राख हो गया।
पास में ही रखे थे सीएनजी के सिलेण्डर:
जिस गोदाम में बुधवार को आग लगी वहां परिसर में सीएनजी के एक टेंकर सिलेण्डर भी रखे हुए थे। बताया जाता है कि यह सिलेण्डर गैस से भरे हुए थे। अगर आग इन सिलेण्डरों तक आ जाती तो हादसा गंभीर हो सकता था। मौके पर मौजूद अधिकारियों का कहना था कि शुक्र है कि आग सिलेण्डरों तक नहीं पहुंच पाई, इससे पहले ही आग पर काबू पा लिया गया ।


