जींद : आगामी दस मई को अक्षय तृतीय (अखा तीज) है और जिलाभर में विवाह समारोहों की धूम रहेगी। ऐसे में अक्षय तृतीया पर होने वाले सामूहिक विवाह की आड़ में बाल विवाह भी हो सकते हैं। जिसके चलते जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय टीम द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत सहायक बाल विवाह निषेध अधिकारी रवि लोहान ने रविवार को शहरभर के प्रिटिंग प्रैस संचालकों के साथ बैठक की और विवाह को लेकर दिशा-निर्देश दिए।
रवि लोहान ने कहा कि जब भी आपके पास कोई शादी का कार्ड छपवाने के लिए आता है तो सबसे पहले उसके बारे में पूरी जानकारी हासिल की जाए। इसके साथ ही वर व वधु की उम्र को लेकर आवश्यक दस्तावेज लिए जाएं ताकि बाल विवाह की सूचना समय रहते मिल सके।
रवि लोहान ने कहा कि यह केवल विभाग की जिम्मेवारी नही है कि बाल विवाह रोकें बल्कि इसके लिए हम सबको अपनी अहम जिम्मेवारी निभानी होगी। जैसे ही कोई बाल विवाह की जानकारी संज्ञान में आती है तो तुरंत इसकी सूचना विभागीय अधिकारियों को उपलब्ध करवाई जाए ताकि समय रहते बालिका को वधु बनने से बचाया जा सके। उन्होंने स्पष् किया कि नियमानुसार विाह के लिए लड़के की आयु 21 वर्ष से कम तथा लड़की की आयु 18 वर्ष से कम पाई जाती है तो कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ-साथ अब बाल विवाह के केस में पोक्सो एक्ट का केस दर्ज करवाने का प्रावधान भी कर दिया गया है। सहायक बाल विवाह निषेध अधिकारी रवि लोहान ने कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।


