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Ahmedabad : दूसरी बार कॉक्लियर इम्प्लांट प्रोसेसर के लिए लाभार्थी बच्चे से अब सिर्फ 10 फीसदी अंशदान

मुख्यमंत्री पटेल ने राज्य में बाल स्वास्थ्य देखभाल और स्वास्थ्य के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय किए

अहमदाबाद : मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य में बाल स्वास्थ्य देखभाल और स्वास्थ्य के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय किए हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य में जिन बच्चों को सरकार की ओर से एक बार निःशुल्क कॉक्लियर इम्लांट कराया जाता है, ऐसे बच्चों के दूसरी बार कॉक्लियर इम्प्लांट प्रोसेसर के लिए लाभार्थी बच्चे से पहले लिए जाने वाले 50 फीसदी अंशदान के बजाय अब केवल 10 फीसदी अंशदान लेने का निर्णय किया है। इससे अभिभावक बच्चे को पहले दिए गए कॉक्लियर मशीन की समुचित देखभाल करेंगे।

इतना ही नहीं, जिन मामलों में लाभार्थियों ने सरकारी सहायता के बिना अपने खर्च पर कॉक्लियर इम्प्लांट कराया होगा, उसके अंतर्गत चार लाख रुपये से कम आय वाले लाभार्थियों को एक बार कॉक्लियर इम्प्लांट प्रोसेसर के लिए अब लाभार्थी से 10 फीसदी अंशदान लेने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्णय किया है कि सुपर स्पेशियलिटी उपचार के लिए अहमदाबाद रेफर किए जाने वाले शाला आरोग्य कार्यक्रम के सभी लाभार्थियों को उनके निवास से स्वास्थ्य संस्थान तक आने-जाने के लिए राज्य परिवहन (एसटी) की दर के हिसाब से यात्रा भत्ता दिया जाएगा।

राज्य में शाला आरोग्य कार्यक्रम के अंतर्गत कॉक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन का अनुमानित खर्च 7 लाख रुपए होता है। राज्य सरकार ने अब तक 3061 कॉक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन के लिए 214 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। राज्य में अभी लगभग 200 बच्चों को कॉक्लियर इम्प्लांट प्रोसेसर की आवश्यकता है। ऐसे एक प्रोसेसर का अनुमानित मूल्य 3 लाख रुपए होता है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के इस बाल स्वास्थ्य हितैषी निर्णय के परिणामस्वरूप ऐसे बच्चों को केवल 10 फीसदी अंशदान देने पर कॉक्लियर इम्प्लांट प्रोसेसर का सेवा लाभ मिलेगा।

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