सूचना लीक होने के कारण पहले ही गायब कर दिए छात्रावास के बच्चे
आयोग की टीम को नहीं दिखा सके कोई भी दस्तावेज
शिवपुरी : शिवपुरी के मनियर क्षेत्र में एसएनवी पब्लिक स्कूल में शनिवार को जब यहां के छात्रावास में बाल आयोग की सदस्य डॉ निवेदिता शर्मा और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने छापामार कार्रवाई की तो यहां संचालित छात्रावास में संचालन संबंधी कोई दस्तावेज नहीं पाया गया। इसके अलावा बच्चों के लिए जो रूम बनाए गए तो उनमें अव्यवस्था थी। अचानक बच्चों को गायब किए जाने के दौरान यहां पर बच्चों के कुछ बैग और पलंग बिस्तर और रोटियां मिली जिससे संदेह पैदा हुआ कि यहां से बच्चों को आनन-फानन में हटाया गया है। इस एसएनवी पब्लिक स्कूल के प्रबंधक और प्राचार्य सहित छात्रावास चलाने वाले एक अन्य व्यक्ति से जब पूछा गया तो बच्चों के बारे में वह कोई भी सही उत्तर नहीं दे पाए। स्कूल मान्यता संबंधी और छात्रावास संबंधी गतिविधियों के दस्तावेज मांगने पर भी आयोग की टीम दस्तावेज भी नहीं दिखा पाए। बाद में आयोग की टीम ने जिला शिक्षा अधिकारी और राज्य शिक्षा केंद्र के डीपीसी को मौके पर बुलाया और उन्हें इस छात्रावास को शील्ड करने के निर्देश दिए लेकिन काफी देर तक बहस और विवाद हुआ। इस दौरान बाल आयोग की टीम ने स्थानीय शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। बाल आयोग की सदस्य डॉ निवेदिता शर्मा ने बताया कि शिवपुरी जिले में अवैध रूप से छात्रावास संचालित हो रहे हैं जिनकी कोई परमिशन नहीं ली गई है। शिक्षा विभाग के नियमों के अलावा यहां पर जेजे एक्ट का उल्लंघन हो रहा है। इस मामले में उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा बाल आयोग इस मामले में विधि सम्मत कार्रवाई करेगा।
अवैध रूप से संचालित हो रहा था छात्रावास-
अवैध रूप से संचालित हो रहे छात्रावास की शिकायत सामने आने पर यहां पर मध्य प्रदेश बाल संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ निवेदिता शर्मा ने अपनी टीम के साथ छापा मारा लेकिन छापे की खबर लीक हो गई। इस छापे से पहले ही यहां पर रह रहे बच्चों को गायब कर दिया गया। छात्रावास प्रबंधन ने आनन-फानन में टीम के आने से पहले ही बच्चों को गायब किया। बाल आयोग की टीम को यहां पर 50 बच्चे रहने की सूचना थी। बाल आयोग की टीम को यह सूचना थी कि मनियर में एसएनवी पब्लिक स्कूल के ऊपर बिल्डिंग में अवैध से छात्रावास संचालित हो रहा है। इस सूचना के बाद ही बाल आयोग की टीम ने यहां पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ छापा मारा था लेकिन छापे की खबर लीक हो जाने से बच्चे तो नहीं मिले लेकिन छात्रावास में बच्चों को रूकाने संबंधी सामान अवश्य पाया गया।
बदरवास में मदरसे में छापा मारा गया-
मध्य प्रदेश बाल आयोग की टीम की सदस्य डॉ निवेदिता शर्मा ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बदरवास में भी एक अवैध रूप से संचालित हो रहे मदरसे की सूचना मिलने पर वहां भी छापा मारा। छापे के दौरान इस मदरसे में 17 बच्चों के दर्ज होने का रजिस्टर मिला लेकिन बच्चे कहां है इस पर जब संचालकगण से पूछा गया कि बच्चे कहां चले गए तो उन्होंने बताया कि बच्चे अपने घर चले गए हैं। संचालन संबंधी कोई दस्तावेज वह नहीं दे पाए। इस मामले में भी बाल आयोग की टीम ने संबंधित मदरसे पर कार्रवाई के निर्देश शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिए हैं।


