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Chennai : वैज्ञानिकों ने बेहतर डेटा भंडारण के लिए एक बहुउद्देशीय विधि ईजाद की

चेन्नई : भारतीय शोधकर्ताओं ने “MnBi2S4” नामक एक नए खनिज में चुंबकीय क्रम के विद्युत ध्रुवीकरण विधि से एक अद्वितीय तंत्र की पहचान की है जिससे बेहतर डेटा भंडारण किया जा सकता है। इस अध्ययन के निष्कर्षों को ऊर्जा-कुशल डेटा भंडारण के क्षेत्र में प्रयोज्यता मिल सकती है क्योंकि सामग्री में कमरे के तापमान घटाने की अपार क्षमता होती है। इन प्रक्रियाओं के दौरान ऊर्जा की खपत को कम करके डेटा भंडारण में क्रांति ला सकता है। इसके अतिरिक्त, फोर-स्टेट लॉजिक मेमोरी सिस्टम के विकास के लिए सहायक हो सकते हैं। यह अनुसंधान जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च और और भारत सरकार की डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की सौजन्य से संपन्न किया गया है ।

एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक मैग्नेट इलेक्ट्रिक मल्टीफरिक सामग्रियों का एक विशेष क्षेत्र है। इसके बारे में बहुत कम शोध किए गए हैं। फिलहाल, इसके अद्वितीय गुणों को अधिक जानने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक आकर्षित है। दिलचस्प बात यह है कि तमाम सामग्रियां चुंबकत्व और लौहविद्युत दोनों को एक साथ प्रदर्शित कर सकती हैं। यही दोनों अच्छा आज विज्ञान के लिए एक आकर्षण का विषय बना हुआ है क्योंकि उनमें आमतौर पर चुंबकत्व या फेरो इलेक्ट्रिसिटी होती है। इसलिए इन दोनों गुणों के साथ एक ही ऐसी सामग्री ढूंढना आज भी एक दुर्लभ और चुनौती पूर्ण कार्य है जिसके लिए स्पिंट्रोनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक मेमोरी डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक घटकों जैसे एक्चुएटर्स और स्विचेस का उपयोग होता है।

हाल के दिनों में अनुसंधान बिरादरी विशेष रूप से एक विशेष प्रकार के मल्टीफरिक में रुचि दिखाई है जिस पर पूरी दुनिया में बड़े तेजी के साथ शोध कार्य चल रहा है।

दिशा में किस दिशा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग-डीएसटी के तहत एक स्वायत्त संस्थान, जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (जेएनसीएएसआर) में रसायन विज्ञान और सामग्री भौतिकी इकाई के अध्यक्ष प्रोफेसर ए. सुंदरेसन ने मैग्नेट इलेक्ट्रिक सामग्री के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व खोज की है। उनके अध्ययन के निष्कर्षों को जर्नल फिजिकल रिव्यू बी में प्रकाशित एक हालिया पेपर में “MnBi2S4” के बारे में विधिवत जानकारी दी गई है जो चुंबकीय क्रम के माध्यम से विद्युत ध्रुवीकरण को प्रेरित करने का एक अनूठा तकनीक सिद्ध हुआ है।

इन वैज्ञानिकों के अनुसार MnBi2S4 – एक खनिज ग्राज़ियानाइट के रूप में भी जाना जाता है और यह टर्नरी मैंगनीज चॉकोजेनाइड परिवार से संबंधित है। उच्च-रिज़ॉल्यूशन न्यूट्रॉन विवर्तन का उपयोग करके प्रोफेसर सुंदरेसन की टीम ने सामग्री में अलग-अलग चुंबकीय संरचनाओं की पहचान की तो उन्होंने पाया कि अंतिम दो स्पिन संरचनाएं सामग्री में फेरोइलेक्ट्रिसिटी उत्पन्न करती हैं।

प्रो. सुंदरेसन कहते हैं, “इस खोज का महत्व चुंबकत्व और विद्युत ध्रुवीकरण के बीच मजबूत युग्मन में निहित है। चुंबकीय पावर द्वारा संचालित अद्वितीय तंत्र तथा मैग्नेटोइलेक्ट्रिक एक साथ-साथ संचालित होता है। यह खोज विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इसे पहले कभी भी विशिष्ट MnBi2S4 सामग्री में रिपोर्ट नहीं किया गया है।

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