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Kanpur : उप्र में पछुआ हवाओं से गलन पर प्रभावी नहीं होगी धूप

कानपुर : जम्मू कश्मीर पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पछुआ हवाओं के चलने से उत्तर प्रदेश में बराबर सर्द हवाएं आ रही हैं। इससे धूप निकलने के बावजूद लोगों को गलन से राहत नहीं मिल पा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि एक सप्ताह तक इसी तरह गलन पर धूप प्रभावी साबित नहीं होगी।

चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस एन सुनील पाण्डेय ने गुरुवार को बताया कि पूर्वी विदर्भ और आसपास के निचले स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। उत्तर-पूर्वी राजस्थान और आसपास के इलाकों पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। एक और चक्रवाती परिसंचरण उत्तर महाराष्ट्र तट के पास पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर औसत स्तर से 1.5 किमी ऊपर है। एक ट्रफ रेखा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक से आंतरिक ओडिशा तक फैली हुई है। पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर पर है। एक और ताजा पश्चिमी विक्षोभ 27 जनवरी से पश्चिमी हिमालय के करीब पहुंच सकता है। इससे उत्तर प्रदेश में फिलहाल धुंध व कोहरा के साथ लोगों को गलन से राहत नहीं मिलने वाली है। दिन और रात के तापमान सामान्य से नीचे बने रहेंगे।

उन्होंने बताया कि कानपुर में अधिकतम तापमान 17.0 और न्यूनतम तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता 94 और दोपहर की सापेक्षिक आर्द्रता 68 प्रतिशत रही। हवाओं की दिशाएं उत्तर पश्चिम रहीं जिनकी औसत गति 1.8 किमी प्रति घंटा रही। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अगले पांच दिनों आसमान साफ रहने के कारण वर्षा की कोई संभावना नहीं है। सुबह एवं रात के समय शीत लहर के साथ कड़ाके की ठंड, गलन और घना कोहरा, धुंध छाये रहने तथा दोपहर के समय धूप निकलने के आसार हैं।

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