मुंबई : महाराष्ट्र में आरक्षण को लेकर मराठा समाज और ओबीसी समाज के बीच टकराव बढ़ने की आशंका है। मराठा नेता मनोज जारांगे पाटिल ने शनिवार को अपने समाज के लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मराठा आरक्षण न मिले इसके लिए एक मंत्री सरकार पर दबाव डाल रहे हैं। कुछ भी हो जाए वे ओबीसी कोटे से मराठा आरक्षण लेकर रहेंगे। इसके साथ ही तय समय में अगर सरकार ने मराठा समाज को ओबीसी कोटे से आरक्षण नहीं दिया तो मराठा समाज तैयार है। मनोज जारांगे ने यह भी कहा कि छगन भुजबल को मराठा समाज सबक सिखा कर रहेगा।
इस पर एनसीपी के ओबीसी नेता और राज्य सरकार के मंत्री छगन भुजबल ने पुणे के इंदापुर में ओबीसी समाज को संबोधित करते हुए कहा कि वे किसी भी कीमत पर मराठा समाज के आरक्षण का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन मनोज जारांगे सभी मराठा को कुनबी जाति का प्रमाण पत्र दिला कर सभी मराठा को ओबीसी बना देना चाहते हैं। इसके साथ ही गुंदागर्दी की भाषा बोली जा रही है और की जा रही है। उनका विरोध सिर्फ गुंडागर्दी के विरोध में है। भुजबल ने कहा कि मराठा नेता हर्षवर्धन पाटिल, विजय सिंह मोहिते पाटिल सहित कुनबी जाति का प्रमाण पत्र लेकर शुद्र बनेंगे क्या? इन नेताओं को इसका जवाब देना चाहिए।
भुजबल ने कहा कि ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण है, लेकिन नौकरियां 9.5 प्रतिशत हैं। भुजबल ने मांग की कि पहले हमारा 27 फीसदी आरक्षण भरा जाए। शनिवार को ही भाजपा नेता गोपीनाथ पडलकर ने भुजबल का समर्थन करते हुए कहा कि ओबीसी आरक्षण को प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। जो लोग भुजबल पर हमले की बात करते हैं, वे भुजबल का बाल भी बांका नहीं कर सकते हैं। इसी तरह भाजपा नेता प्रकाश शेंडगे ने भुजबल का समर्थन किया है। इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री नारायण राणे पहले ही कह चुके हैं कि कोई मराठा कुनबी जाति का प्रमाणपत्र नहीं लेगा, मनोज जारांगे को इसका अध्ययन करना चाहिए। सरकार मराठा समाज को आरक्षण दिलाने के लिए प्रयास कर रही है, लेकिन मनोज जारांगे जिस तरीके से भड़काऊ भाषा बोल रहे हैं, उससे मराठा-ओबीसी के बीच तनाव बढ़ने की आशंका बढ़ती जा रही है।


