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Lucknow : भिक्षावृत्ति छोड़ चुके बच्चों ने राजभवन में दिखाए खेल कौशल, राज्यपाल रहीं मौजूद

राजभवन में उम्मीद संस्था द्वारा खेल महोत्सव का आयोजन, राज्यपाल ने कहा, खेल महत्वपूर्ण है, इसे आज हम भूल गये हैं

लखनऊ : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन के बड़े लॉन में स्वयं सेवी संस्था उम्मीद द्वारा भिक्षावृत्ति छोड़ चुके 500 बच्चों के प्रोत्साहन हेतु ‘भिक्षा से शिक्षा की ओर’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय खेल महोत्सव का शुभारम्भ गुब्बारे उड़ा कर किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि आज राजभवन छोटे बच्चों की किलकारियों से गूंज रहा है। मुझे यहां छोटे-छोटे बच्चों का उत्साह एवं आत्मविश्वास देखने को मिला। इसे देखकर बहुत खुशी हुई।

उन्होंने कहा कि जीवन में खेल बहुत महत्वपूर्ण है। आज हम खेलना भूल गये हैं। अब सिर्फ सर्टिफिकेट प्राप्त करना ही पढ़ाई का उद्देश्य रह गया है। इसलिए खेल के प्रति बच्चों में उत्साह व जागरूकता पैदा करने के लिए इस प्रकार के परंपरागत खेलों का आयोजन आवश्यक है। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खेलो इण्डिया का शुभारम्भ किया। इसका लाभ हमारे बच्चों को मिल रहा है। सरकारें खेलों पर करोड़ो रूपया खर्च कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि आज आब-ओ-हवा खराब हो रही है और प्रदूषण बढ़ रहा है। इसलिए हमें अपने आने वाले भविष्य के उज्ज्वल जीवन के लिए सार्थक प्रयास करने होंगे। आज जो प्रतियोगिताएं यहां चल रही हैं। ऐसे कार्यक्रम चलते रहने चाहिए। राज्यपाल जी ने समस्त स्वयं सेवी संस्थाओं, कम्पनियों का आह्वान किया कि वे भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों को इस पेशे से विमुक्त करने तथा उन्हें शिक्षा के माध्यम से समाज की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए आगे आएं। राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने कुलाधिपति होने के नाते विश्वविद्यालयों को भी इस कार्य में सहयोग करने के लिए कहा है।

कार्यक्रम में महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि सड़कों पर भिक्षा मांगने वाले बच्चों को सड़क से हटाकर उन्हें संबल प्रदान करना, संरक्षण देना तथा शिक्षा से जोड़ना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि सरकार तथा समाज का दायित्व है कि वे उनके अभिभावकों को भी जागरूक करें ताकि भविष्य में वे अपने बच्चों से भिक्षावृत्ति न कराते हुए उन्हें शिक्षा से जोड़े।

इस अवसर स्वयं सेवी संस्था उम्मीद के संस्थापक सचिव बलवीर मान सिंह ने बताया कि यह खेल प्रतियोगिता भिक्षावृत्ति से मुक्त कराये गये मात्र 60 बच्चों से शुरू की गयी थी, जो आज लगभग 500 बच्चों तक पहुंच गयी है। आज की इस प्रतियोगिता में 3.5 वर्ष से लेकर 16 वर्ष की आयु वर्ग तक के बच्चे विभिन्न खेलों में प्रतिभाग कर रहे हैं तथा खेल महोत्सव में जिन खेलों को शामिल किया गया है।

इस अवसर पर लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल डा0 सुधीर एम0 बोबडे, सलाहकार मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश अवनीश कुमार अवस्थी, स्वयं सेवी संस्था के पदाधिकारीगण सहित बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित थे।

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