नैनीताल: (Nainital) स्मैक के जानलेवा नशे ने एक और जिंदगी लील ली है। दो बच्चों का एक पिता जो क्रिकेट और फुटबॉल का अच्छा खिलाड़ी था। वह कुमाऊं मंडल विकास निगम का कर्मचारी भी था।
घर की स्थिति अच्छी थी। एक और भाई भी निगम और एक अन्य भाई व बहनोई उत्तराखंड पुलिस में कार्यरत थे। गत 27 जुलाई को उसने निगम की संचालित रोप-वे में तकनीकी खराबी आने पर बच्चों व विदेशी नागरिकों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। कई डरे-सहमे बच्चों को अपनी गोद में लेकर रस्सी के सहारे कई मीटर की ऊंचाई से उतारकर उनकी जान बचाई थी। आज उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गयी। इसका कारण जानलेवा स्मैक को माना जा रहा है।
मृतक 42 वर्षीय विजय कुमार पुत्र जीवन लाल निवासी नारायण नगर के भाई संजय कुमार ने बताया कि विजय पिछले करीब 6 माह से स्मैक के नशे की गिरफ्त में आ गया था। उसकी काउंसिलिंग भी कराई जा रही थी, लेकिन स्मैक के नशे ने उसके अमूल्य जीवन को तबाह कर छीन लिया। बताया गया है कि मृतक का पुत्र नारायण नगर में हो रही रामलीला में बीती रात्रि अभिनय कर रहा था। विजय भी रामलीला देखने पहुंचा था। रामलीला से लौटने के बाद रात्रि 3 बजे परिजनों ने उसकी कुशल ली थी, लेकिन सुबह वह अपने कमरे में फंदे पर लटका मिला। परिजन उसे बचाने की कोशिश में बीडी पांडे जिला चिकित्सालय लाये, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को पंचनामा भरने के बाद पोस्टमॉर्टम के लिये भिजवा दिया है।


