वाराणसी : जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को दूर रखने तथा इनसे संबंधित पुरानी बीमारियों के निदान के साथ अच्छी सेहत के लिए पॉच मंत्र पोषण कोच ललित मोहन कपूर ने बीएचयू के सदस्यों को दिया। जाने माने न्यूट्रिशियन कोच और आईआईटी कानपुर के पुरा छात्र ललित मोहन कपूर ने कहा कि अपने भोजन में आवश्यक पोषण सुनिश्चित करने से तथा सक्रिय दिनचर्या से हम जीवनशैली आधारित बीमरियों से बचे रह सकते है और इनकी दवाओं से छुटकारा पा सकते हैं।
ललित मोहन कपूर बुधवार को बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान स्थित शताब्दी कृषि प्रेक्षागृह में ‘‘प्राकृतिक रुप से जीवनशैली आधारित पुरानी बीमारियों के निदान‘‘ विषयक कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे। ललित मोहन कपूर ने कहा कि प्राकृतिक खाद्य पदार्थो में पोषण की पर्याप्त मात्रा तथा विविधता होने के बावजूद भी अधिकतर लोग इससे अनभिज्ञ है, जिसकी वजह से हमारे भोजन व खाने पीने की आदतों में पोषक तत्वों की कमी दिखती है।
उन्होंने कहा कि बाजार में जो पैकेट बन्द खाद्य पदार्थ उपभोक्ताओं को लुभाने के लिए बेचे जाते है, उनका उद्देश्य ही है उपभोक्ताओं को जरुरत से ज्यादा उपभोग की आदत डालना। उन्होंने बेहतर स्वास्थ्य और स्वस्थ जीवन के लिए पॉच स्तम्भों को रेखांकित किया। इनमें पौधों पर आधारित भोजन, शारीरिक गतिविधियॉ, भावनात्मक व आध्यात्मिक स्वास्थ्य तथा समय पर भोजन व नींद है ।
कार्यशाला में बीएचयू कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य विश्वविद्यालय के सदस्यों को स्वस्थ्य, सुखी व सक्रिय जीवनशैली के बारे में जागरुक व अवगत करना है। कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एस.वी.एस. राजू ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यशाला में कुलसचिव, प्रो. अरुण कुमार सिंह, छात्र अधिष्ठाता, प्रो. ए.के. नेमा, मुख्य आरक्षाधिकारी, प्रो.एस.पी. सिंह, ट्रामा सेंटर के आचार्य प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह, विश्वविद्यालय प्लेसमेंट प्रकोष्ठ के समन्वयक प्रोे. वी.के. चन्दोला आदि की भी उपस्थिति रही।



