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New Delhi : महिला कांस्टेबल की हत्या का दो साल बाद खुलासा, तीन गिरफ्तार

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नई दिल्ली : दो साल पहले दिल्ली पुलिस की एक महिला कॉन्स्टेबल की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए अपराध शाखा ने मुख्य आरोपित समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। महिला कॉन्स्टेबल की हत्या दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल ने ही 08 सितंबर 2021 को की थी। आरोपित ने हत्या के बाद उसका शव नाले में पत्थर से दबा दिया था।

आरोपितों की पहचान हेड कॉन्स्टेबल सुरेंद्र, उसके साले राविन और उसके दोस्त राजपाल के रूप में हुई है। सुरेंद्र की निशानदेही पर पुलिस ने नाले से महिला कॉन्स्टेबल का कंकाल भी बरामद कर लिया। कंकाल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। महिला कॉन्स्टेबल की मां का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।

पुलिस के मुताबिक सुरेंद्र 2012 में दिल्ली पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर भर्ती हुआ था। वह पत्नी और एक 12 साल के बच्चे के साथ अलीपुर में रहता है। उसकी ड्यूटी पीसीआर में थी। सुरेंद्र की पहचान 2019 में पीसीआर में ही तैनात महिला कॉन्स्टेबल से थी। कुछ माह बाद महिला कॉन्स्टेबल का यूपी पुलिस में एसआई के पद पर सेलेक्शन हो गया।

इसके बाद उसने दिल्ली पुलिस से इस्तीफा दे दिया और मुखर्जी नगर में पीजी में रहकर यूपीएससी की तैयारी करने लगी। सुरेंद्र ने खुद को अविवाहित बताकर उससे दोस्ती की थी। सुरेंद्र इस दौरान भी उससे मिलता रहा।

पुलिस की मानें तो दोस्ती के दौरान सुरेंद्र की नीयत खराब होने लगी और उसने सोचा कि युवती यूपीएससी में बड़ी अधिकारी बन जाएगी। इसलिए उसने तय कर लिया की वह उससे शादी करेगा। इसी बीच युवती को पता चला कि वह शादीशुदा है और उसके साथ धोखा कर रहा है। उसने उसके घरवालों से बात करना चाहा। यह बात सुरेंद्र को नागवार गुजरी, लेकिन युवती का विश्वास जीतने के लिए वह 08 सितंबर को ऑटो से अपने गांव अलीपुर के लिए लेकर निकला।

गांव से कुछ दूर पहले ही सुनसान जगह में ऑटो वाले को यह कहकर वापस भेज दिया। अब वह पैदल ही चला जाएगा। इसके बाद वह घुमाने के बहाने उसे यमुना नदी के किनारे ले गया और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। उसने पीड़िता का बैग और फोन आदि ले लिया और शव को नाले में डालकर उसे पत्थर से दबा दिया। इसके बाद वह पीड़िता के परिवार वालों के साथ गुमशुदगी की शिकायत देने थाने भी गया। महिला के परिजनों के साथ वह दिल्ली पुलिस के उच्च अधिकारियों के पास जाकर खोजने की गुहार लगाता रहा। इस कारण उसके घर वालों को कभी उस पर शक नहीं हुआ। इस साल अप्रैल में मामला अपराध शाखा को ट्रांसफर किया गया।

पुलिस और पीड़िता के परिजनों को धोखा देने के लिए सुरेंद्र का साला राविन कॉल गर्ल के साथ हरियाणा, देहरादून, ऋषिकेश और मसूरी आदि शहरों के होटल में गया। वहां से वह पीड़िता के घर फोन करके कहता था कि पीड़िता उसके पास है। उसने पीड़िता से शादी कर ली है, लेकिन उसे और पीड़िता को उसके परिवार से जान का खतरा है। इसलिए दोनों छुपकर रह रहे हैं। वह अपने घर नहीं जा रहे हैं कुछ दिनों बाद में लौट आएंगे इसलिए वह उनकी तलाश न करें।

वहां वह जानबूझकर पीड़िता के कागजात गिरा देता था। फिर होटल में उसके ही फोन से कॉल करके उसके कागजात गिरने की सूचना देता था। जब पुलिस फोन को ट्रेस करके उक्त होटल में पहुंचती थी तो होटल वाले पुष्टि कर देते थे कि उनके यहां वह लड़की आई थी।

इससे पुलिस को भी लगता था कि पीड़िता खुद ही अपने मां-बाप के पास जाना नहीं चाहती, राविन ने अपने एक दोस्त का फोटो लगाकर फर्जी सिम कार्ड लिया था, जिससे वह कॉल करता था। इस तरह उसने कुल पांच बार कॉल किए। अपराध शाखा की टीम इसी फोन नंबर को ट्रेस करते हुए पहले राविन फिर सुरेंद्र तक पहुंची। आरोपित वर्तमान में पीसीआर यूनिट में ड्राइवर के पद पर तैनात था।