Launch of website and mobile app and unveiling of brochure
गांधीनगर : मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को गांधीनगर में वाइब्रेंट गुजरात समिट-2024 के हिस्से के रूप में वेबसाइट ‘वीजी-2024’ और मोबाइल एप को लॉन्च करने के साथ ही ‘वीजी-2024’ ब्रोशर का अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट आज नॉलेज शेयरिंग यानी ज्ञान साझाकरण और रणनीतिक साझेदारी के प्रतिष्ठित वैश्विक मंच के रूप में उभरकर सामने आई है।
वाइब्रेंट समिट का 10वां संस्करण आगामी 10 से 12 जनवरी, 2024 के दौरान गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में आयोजित होने जा रहा है। ‘गेट वे टू दी फ्यूचर’ की थीम के साथ आयोजित होने वाली 10वीं वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के लिए मुख्यमंत्री द्वारा लॉन्च की गई इस वेबसाइट और मोबाइल एप को पूरी तरह से यूजर फ्रेंडली बनाया गया है ताकि यह देश और दुनिया के निवेशकों को आकर्षित करने में वन स्टॉप सॉल्यूशन साबित हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वीजी-2024’ नामक यह वेबसाइट उपयोगकर्ता अनुकूल, ऑनलाइन पंजीकरण तथा व्यक्तियों, प्रतिनिधिमंडलों और समिट के दौरान आयोजित होने वाले इवेंट में भाग लेने के इच्छुक निवेशकों की सुविधा के लिए गुजरात सरकार की नीतियों, विभिन्न परिमाणों में राज्य के प्रदर्शन से संबंधित डेटा और संभावित प्रतिष्ठित निवेश एवं प्रोजेक्टों की सूची का एक समग्र संकलन होगी।
यह वीजी ऐप एंड्रोयड और आईओएस, दोनों मोबाइल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। समिट में आयोजित होने वाले विभिन्न इवेंट्स को वेबसाइट और एप्लीकेशन के माध्यम से ट्रैक किया जा सकेगा। इस वेबसाइट और मोबाइल ऐप में चैट, संबंधित सरकारी विभागों के साथ बैठकों का समय निर्धारण करना, अन्य प्रतिभागियों के साथ बीटूबी (बिजनेस-टू-बिजनेस) बैठकें, अन्य प्रतिभागियों की प्रोफाइल देखना, प्रोफाइल्स को बुकमार्क करना और समृद्ध मीडिया कंटेंट पोस्ट करना जैसे विभिन्न फीचर्स शामिल किए गए हैं।
इसे परिपूर्ण करने के लिए गुजरात की क्षमता और निवेश की संभावनाओं को प्रदर्शित करने के लिए 12 देशों में 6 अंतरराष्ट्रीय रोड शो का आयोजन किया गया है। इसके अलावा, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, लखनऊ, चेन्नई, चंडीगढ़, गुवाहाटी, जयपुर और इंदौर में 11 राष्ट्रीय रोड शो भी आयोजित किए जाएंगे।
‘वाइब्रेंट गुजरात-वाइब्रेंट डिस्ट्रिक्ट’ के जिला स्तर पर आयोजित होने वाले नवीन दृष्टिकोण की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वाइब्रेंट डिस्ट्रिक्ट’ की इस पहल का उद्देश्य लोगों को वाइब्रेंट गुजरात समिट के साथ जोड़ना है। वाइब्रेंट डिस्ट्रिक्ट का आयोजन स्थानीय औद्योगिक या वाणिज्यिक एसोसिएशन के साथ साझेदारी में अक्टूबर महीने के दौरान राज्य के सभी 33 जिलों और अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट महानगर पालिका समेत कुल 37 स्थानों पर किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), स्टार्टअप, स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमियों, खादी ग्रामोद्योग और कुटीर उद्योगों आदि को शामिल किया जाएगा।
इतना ही नहीं, विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनी, क्रेडिट-लिंकेज सेमिनार, एक्सपोर्ट सेमिनार, ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) बाजार, स्टार्टअप और उद्यमिता सेमिनार, बीटूबी, बीटूसी एवं बीटूजी बैठकें, डिजाइन वर्कशॉप तथा मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग वर्कशाप आदि का भी आयोजन किया जाएगा।
उद्योग मंत्री बलवंतसिंह राजपूत ने कहा कि गुजरात में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के आयोजनों से हासिल हुई अभूतपूर्व उपलब्धियों के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2003 से 2019 तक गुजरात में 9 वाइब्रेंट समिटों का आयोजन हो चुका है। इसके अंतर्गत 135 से अधिक देशों के 42 हजार से अधिक प्रतिनिधियों ने अद्भुत एवं उत्साहवर्धक भागीदारी दर्ज कराई है। वर्ष 2019 में 28,360 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए थे, जिनमें से 21,348 प्रोजेक्ट शुरू हो चुके हैं और 1389 प्रोजेक्ट फिलहाल क्रियान्वयन के चरण में हैं। इस तरह देखा जाए तो 80 फीसदी से अधिक एमओयू सफल रहे हैं। 9 वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के परिणामस्वरूप गुजरात की हिस्सेदारी देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 8.4 फीसदी, निर्यात में लगभग 33 फीसदी, औद्योगिक उत्पादन में 18 फीसदी और फैक्ट्रियों में 11 फीसदी दर्ज की गई है। उन्होंने आगे कहा कि जब से मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने गुजरात की कमान संभाली, तब से लेकर आज तक 108 कंपनियों के साथ 118 परियोजनाओं के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसके जरिए 1,46,000 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश से 1,53,000 रोजगार उपलब्ध कराए गए हैं।
उद्योग विभाग के एडिशनल चीफ़ सेक्रेटरी एस.जे. हैदर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव राज कुमार, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के. कैलाशनाथन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ सचिव और कई उद्योगपति एवं उद्योग क्षेत्र के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।


