ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेक्टर-2 केंद्र पर मनाया गया रक्षा बंधन पर्व
झज्जर : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेक्टर-2 सेंटर में सोमवार को हुए रक्षाबंधन कार्यक्रम में 101 फुट लंबी राखी कौतुहल का केंद्र बनी रही। राखी को देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। ब्रह्माकुमारी विनीता ने राखी के पर्व के आध्यात्मिक अर्थ की चर्चा की और भाई-बहन के प्रेम का महत्व पर विचार किया।
आयोजन में एक 101 फुट लंबी राखी मौके पर ही बनाई गई। यह राखी 30 तारीख तक इसी केंद्र में रखी जाएगी, ताकि आमजन इसे देख सके। इस अद्वितीय राखी के माध्यम से ब्रह्माकुमारी केंद्र ने आध्यात्मिक संदेश को आम जनता के बीच पहुंचाने का संकल्प लिया है। ब्रह्माकुमारी अंजली दीदी ने बताया कि रक्षाबंधन के पर्व पर हम एक-दूसरे को राखी बांधते हैं, जिससे भाई-बहन के प्रेम की भावना दर्शाई जाती है। इस मौके पर बीके इंदु व बीके संदीप ने भाई-बहन के प्रेम पर आधारित एक आध्यात्मिक गीत गया।
बीके विनीता ने कहा कि हमें अपने मन, विचार और क्रियाओं की रक्षा करके आत्मा की पवित्रता और ऊंचाइयों को बनाए रखना चाहिए। इस समर्पण और प्रेम के पर्व के माध्यम से ब्रह्माकुमारी सेंटर ने समाज में सद्भावना, शांति और सामर्थ्य की महत्ता को आगे बढ़ाने का उद्देश्य प्राप्त किया है। आध्यात्मिकता के साथ मिलकर राखी के पर्व को एक आदर्श व पवित्र उत्सव बनाने का प्रयास किया गया है। रक्षाबंधन का आध्यात्मिक अर्थ बताते हुए बीके रेणु ने कहा कि यह पर्व विशेष रूप से प्रेम, सद्भावना, एकता और आध्यात्मिक संबंधों के महत्व को प्रकट करता है। इस पर्व में राखी के बंधन से न केवल भाई-बहन के बीच एक सामान्य संबंध का प्रतीक होता है, बल्कि यह आध्यात्मिक उत्सव भी है जो आपसी प्रेम और सहयोग की भावना को प्रमोट करता है। यह उत्सव हमें याद दिलाता है कि हमारे संबंध कितने महत्वपूर्ण होते हैं और हमें एक-दूसरे के सहयोग में रहना चाहिए। राखी का बंधन हमें यह सिखाता है कि हमें दूसरों की सुरक्षा और खुशियाँ सुनिश्चित करने की दिशा में अपने योग्यता और संकल्प का प्रदर्शन करना चाहिए।


