देहरादून : बोगस बिलिंग के माध्यम से कर चोरी करने वाली कई फर्में विभाग के रडार पर हैं। ऐसी कंपनियों के खिलाफ विभाग छापेमारी अभियान चलाई जा रही है। कर चोरी में 04 फर्म इकाइयों की 2.43 करोड़ की आईटीसी को ब्लॉक कर उनके बैंक अकांउट फ्रीज कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री और वित्तमंत्री की ओर से कर चोरी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश के तहत 04 अगस्त को राज्य कर विभाग, उत्तराखण्ड की सीआईयू टीम ने रुड़की, हरिद्वार और देहरादून की फार्मा निर्माण कम्पनियों व फार्मा की ट्रेडिंग इकाइयों की कुल 09 इकाइयों पर छापा मारा। इन फर्मों की ओर से फार्मा पैकिंग मट्रियल और अन्य वस्तुओं की खरीद दिल्ली, गुजरात, मध्यप्रदेश की इकाइयों से दर्शायी जा रही थी, जबकि गोपनीय जांच पर इन इकाइयों से माल के परिवहन का प्रमाण नहीं मिले। इनमें कई फर्में अस्तित्वहीन थी या एक चेन बनाकर आईटीसी का लाभ देने के लिए सिर्फ बिल जारी किये जा रहे थे।
जांच पर 04 फर्म अस्तित्वहीन पाई गई। इस पूरे मामले में प्रथम दृष्ट्या लगभग 6.4 करोड़ की कर चोरी का मामला प्रकाश में आया है। विभाग ने तत्काल इन इकाइयों की 2.43 करोड़ की असईटीसी को ब्लॉक करने के साथ ही बैंक अकांउट फ्रीज करने की कार्रवाई कर दी है।
जांच के दौरान कई फर्मों ने अपनी गलतियों को स्वीकार करते हुए लगभग 30 लाख रुपये जमा भी करा दिये गये हैं।


