शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया केस, पुलिस कर्मी को बचाने का आरोप
हिसार : महिला व उसके साथी द्वारा हन्नीट्रेप में फंसाकर लोगों से पैसे ऐंठने का मामला सामने आया है। गिरोह में एक पुलिस कर्मचारी की भी संलिप्तता बताई जा रही है। गिरोह के सदस्यों ने लगभग साढ़े चार लाख रुपये से अधिक ऐंठ लिए।
शिकायत मिलने पर पुलिस ने महिला अंजू व उसके साथी पालाराम पर केस दर्ज किया है। आरोप है कि ये दोनों रेप की शिकायत देने के बहाने थाने में पहुंचते और वहां से अपनी फोटो खींच कर पीड़ितों के पास भेजकर ब्लैकमेल करके पैसे ऐंठते थे।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि फतेहाबाद अपराध शाखा में कार्यरत पुलिस कर्मचारी इस गिरोह का मुख्य सरगना है लेकिन उसे पुलिस बचा रही है। इसी के चलते पुलिस कर्मी का नाम केस से निकाल दिया गया है। पुलिस कर्मचारी की उसके पास रिकॉर्डिंग भी है, जिसमें कि वह समझौता करने की गुहार लगा रहा है। महिला शारीरिक संबंध बनाते समय अपने पर्स में स्पाई कैमरे में रिकॉर्डिंग करती है।
पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार गिरोह ने पहले अपना शिकार कालीरावण गांव के रमेश को बनाया। उससे पैसे ऐंठने के बाद उन्होंने इसी गांव के ही सुखदेव सिंह को निशाना बनाया। महिला अंजू उर्फ सुमन और सुखदेव की शारीरिक संबंध बनाते हुए की वीडियो भी बनी है। इस वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उसे भी ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। पैसे लेने के बाद भी वे उन्हें परेशान करते रहे जिसके बाद दोनों ने पुलिस में शिकायत दी।
शिकायतकर्ता रमेश के अनुसार दिसंबर 2022 में महिला ने उसे कॉल करके अपना नाम सुमन बताया था। वह उसे अग्रोहा मोड पर स्थित होटल जगत पैलेस में मिली। मिलने के बाद महिला के सहयोगी पालाराम ने उसकी थाने में बैठी की फोटो भेजी जिस पर वह घबरा गया। इसी का फायदा उठाते हुए पालाराम ने मुकदमा दर्ज ना करवाने व वीडियो वायरल न करने के बदले में उससे पैसे मांगे। रमेश ने अपने मामा के लड़के शमशेर के फोन पे से पालाराम के खाते में एक लाख रुपये डलवाए। साथ ही मोहित से 25 हजार रुपए भिजवाए। दूसरे शिकायकर्ता सुखदेव ने बताया कि मोबाइल नंबर पालाराम ने ही महिला को उपलब्ध करवाया था।
महिला अंजू ने अपने आप को सुमन बताया और 18 फरवरी को मन्नत होटल में मिली और शारीरिक संबध बनाए। इसके बाद दो घंटे के बाद पालाराम ने उसे फोन करके बताया कि तेरी वीडियो बन चुकी है। इसके बाद दूसरे मोबाइल से वीडियो भेजी। पालाराम ने कहा कि महिला ने थाना सदर में गलत काम करने की शिकायत दे रखी है।
फिर पालाराम ने फतेहाबाद अपराध शाखा में कार्यरत पुलिस कर्मचारी से बात करके 80 हजार हजार रुपए में समझौता किया। पुलिस ने अपनी जांच में अंजू द्वारा पालाराम से मिलकर वीडियो बनाकर उसे वायरल करने व मुकदजा दर्ज करवाने की धमकी देकर पैसे ऐंठना सही पाया गया। दोनों पर पहले भी हनीट्रैप के मामले दर्ज हैं।


