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Shimla : हिमाचल में मानसून से तबाही, 48 घण्टों में नौ लोगों की मौत, 301 सड़कें बंद, 842 पेयजल परियोजनाएं ठप

शिमला : हिमाचल प्रदेश में मानसून की भारी वर्षा से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त है। मानसून की दस्तक के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी तबाही हुई है।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक मानसून सीजन के दौरान बीते 48 घण्टों में वर्षा जनित घटनाओं में नौ लोगों की जान गई है और 14 घायल हैं। मंडी, शिमला व सोलन में दो-दो, चम्बा, हमीरपुर व कुल्लू में एक-एक व्यक्ति की मृत्यु हुई। बाढ़ में बहने व सड़क हादसों में तीन-तीन, खाई में गिरने से दो और भूस्खलन की चपेट में आने से एक व्यक्ति ने जान गंवाई है। मानसूनी वर्षा से चार घर पूरी तरह तबाह हुए, जबकि 28 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा। 16 पशुशालाएं भी ध्वस्त हुईं, वहीं 312 मवेशी मारे गए। बीते 48 घण्टों में भूस्खलन की सात, बाढ़ आने की चार और बादल फटने की एक घटना सामने आईं।

इसके अलावा राज्य भर में बड़ी संख्या में सड़कों के अवरुद्ध होने से यातायात व्यवस्था पटरी से उतर गई है। साथ ही सैकड़ों पेयजल परियोजनाएं ठप पड़ने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है।

प्राधिकरण की रिपोर्ट में कहा गया है कि व्यापक वर्षा से चार नेशनल हाइवे और 301 सड़कें अवरुद्ध हैं। लोकनिर्माण विभाग के मंडी जोन में 97, शिमला जोन में 71, हमीरपुर जोन में 65 और कांगड़ा जोन में 64 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा नेशनल हाइवे अथॉरिटी के शिमला और शाहपुर में दो-दो नेशनल हाइवे भी भूस्खलन से अवरुद्ध हैं।

मानसूनी वर्षा से राज्य में 842 पेयजल स्कीमें बंद पड़ गई है। जलशक्ति विभाग के चम्बा सर्कल में सबसे ज्यादा 278, धर्मशाला सर्कल में 135, सुंदरनगर में 98, सोलन में 90, नाहन में 80, शिमला में 64, धर्मपुर में 45, कुल्लू में 21, रिकांगपिओ में 15 और बिलासपुर में 10 पेयजल स्कीमें खराब हैं।

मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घण्टों के दौरान धर्मशाला में सर्वाधिक 106 मिलीमीटर वर्षा हुई है। इसके अलावा मंडी में 56, पांवटा साहिब में 43, पालमपुर में 32, चंबा में 24, कांगड़ा में 15 और धौलाकूआं में 12 मिलीमीटर वर्षा हुई है। बादलों के बरसने से तापमान में गिरावट आने से मौसम सुहावना हो गया है। राज्य का औसतन न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.1 डिग्री नीचे रिकॉर्ड हुआ है। शिमला में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री, सुंदरनगर में 21.4, भुंतर में 18.6, कल्पा में 13.8, धर्मशाला में 19.2, उना में 24, नाहन में 22, केलांग में 12.1, पालमपुर में 19, सोलन में 20.2, मनाली में 16.1, कांगड़ा में 22.1, मंडी में 20.9, बिलासपुर में 22, हमीरपुर में 23.6, चंबा में 21.6, डल्हौजी में 14.2, जुब्बड़हट्टी में 18.8, कुफरी में 14.7, कुकुमसेरी में 13.7, नारकंडा में 13.5, रिकांगपिओ में 17.3, सियोबाग में 19, धौलाकूआं में 25, बरठीं में 24.3, मशोबरा में 15.5, पांवटा साहिब में 25, सराहन में 18 और देहरा गोपीपुर में 23 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ है। वर्षा के बाद नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ गया है जिसके चलते प्रशासन ने लोगों से एहतियात बरतने और नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है।

अगले चार दिन भारी वर्षा का अलर्ट

मौसम विभाग ने पूर्वानुमान में मैदानी व मध्यपर्वतीय क्षेत्रों में अगले चार दिन भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि मानसून की सक्रियता से प्रदेश में 30 जून तक व्यापक वर्षा होने का अनुमान है। उन्होंने बाहर से घूमने आ रहे पर्यटकों व स्थानीय लोगों से नदी-नालों के किनारों पर न जाने की अपील की है।

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