गुवाहाटी:(GUWAHATI) पिछले लगभग एक सप्ताह से हो रही बारिश की वजह से ब्रह्मपुत्र और उसकी सभी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। राज्य के कई जिले बाढ़ की चपेट में आने से लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। लखीमपुर जिले में भारी बारिश के बाद सिंगोरा नदी में बाढ़ आने से कई गांवों में पानी भर गया है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिन में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। इससे बाढ़ के हालात और भयावह हो सकते हैं। राज्य में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की टीमें मुस्तैद हैं।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया है कि लखीमपुर जिले में बाढ़ के चलते 20,700 लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ की वजह से घरों को काफी नुकसान हुआ है। बाढ़ प्रभावित इलाके के लोगों को स्कूल, नदियों के तटबंध के अलावा सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लेने को मजबूर हैं। लखीमपुर जिले में 19 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। जबकि, 13.5 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर फसल खराब हो गई है। लखीमपुर के अलावा बिश्वनाथ, दरंग, धेमाजी, डिमा हसाउ, डिब्रूगढ़ और गोलाघाट जिलों सहित अन्य जिलों में भी बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। बाढ़ के चलते तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।
ब्रह्मपुत्र नदी के अलावा अन्य नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। अगर लगातार इस तरह बारिश होती रही तो एक से दो दिनों में राज्य की ज्यादातर नदियां खतरे के निशान को पार जाएंगी, जिससे राज्य के कई जिले बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे।
मौसम विभाग ने अगले पांच दिन में पूर्वोत्तर में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। गुवाहाटी में स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद के अनुसार अगले पांच दिनों के दौरान बंगाल की खाड़ी से पूर्वोत्तर भारत की ओर निम्न-स्तर की दक्षिणी, दक्षिण-पश्चिमी तेज हवाएं चलने के कारण आर्द्रता उत्पन्न होने का अनुमान है। इसके प्रभाव में अगले पांच दिन के दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। राज्य में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन के अलावा राज्य की एसडीआरएफ एवं प्रथम बटालियन एनडीआरएफ की टीम पूरी तरह से तैयार हैं। वहीं बाढ़ प्रभावित इलाके में राज्य सरकार की ओर से हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है।


