पश्चिम बंगाल और झारखंड के ठग चला रहे थे गैंग
नई दिल्ली : क्या आपके फोन पर मैसेज आया है कि आपकी बिजली रात को काट दी जाएगी, क्योंकि आपने बिल नहीं भरा है। अगर ऐसा मैसेज आया है या फिर भविष्य में आता है तो मैसेज पर गौर न करे। अगर गोर करके मैसेज पर दिये लिंक पर क्लिक किया या फिर ओटीपी दिया तो आपके खाते में रखे रुपये किसी ओर के खाते में जा सकते हैं। ऐसे ही एक गैंग का पर्दाफाश बाहरी उत्तरी जिला की साइबर थाना पुलिस ने किया। गैंग के आधा दर्जन ठगों को गिरफ्तार किया है।
आरोपितों की पहचान एमडी सिराज अंसारी,सनाउल मियां,मो. जाहिद अंसारी,दीपांकर अंकुर, अनिकेश दास और अर्घ्य मजूमदार के रूप में हुई है। आरोपितों के कब्जे से सात स्मार्ट फोन,तीन बेसिक फीचर फोन,चार डेबिट कार्ड,एक सिम कार्ड और पांच बैंक खातों से डेबिट फ्रीज किया गया है। सभी आरोपी पश्चिम बंगाल और झारखंड के रहने वाले हैं।
डीसीपी रवि कुमार सिंह ने मंगलवार को बताया कि आरोपितों की सीडीआर रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि भारतवर्ष में गैंग एक लाख 33 हजार तीन सौ 27 लोगों को बिजली बिलों का भुगतान न करने और कनेक्शन काटने की धमकी देने का संदेश दे चुके थे।
साइबर थाना पुलिस को रोहिणी में रहने वाले सीआईएसएफ में कार्यरत सचिन से शिकायत मिली थी। बीते 20 फरवरी को उनको बिजली बिल का भुगतान न करने और बिजली कनेक्शन काटने की चेतावनी के संबंध में एक संदेश प्राप्त करने की सूचना दी। संदेश में बिजली बोर्ड की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 8981252618 दिया गया है।
फोन नंबर पर कॉल करने पर, कथित व्यक्ति ने उसे व्हाट्सएप (7501865908) के माध्यम से लिंक डाउनलोड करने के लिए कहा, जिसके बाद उसके खाते से दो लाख पांच हजार रुपये निकल गए।
पुलिस टीम ने शिकायतकर्ता से फोन नंबर और बैंक खाते की डिटेल ली। फोन नंबर का सीडीआर और सीएएफ निकाला गया। पता चला कि बीरभानपुर, कंदारकोना, दुर्गापुर, पश्चिम बंगाल में रहने वाले दीपांकर अंकुर के नाम से पंजीकृत है। सीडीआर रिकॉर्ड से पता चलता है कि कुल 133,327 अखिल भारतीय संदेश बिजली बिलों का भुगतान न करने और कनेक्शन काटने की चेतावनी के बारे में लोगों को धोखा देने के लिए भेजे गए थे।
दीपांकर अंकुरे और उनके सहयोगी अनिकेश दास को उनके ठिकानों से पकड़ लिया। अर्घ्य मजूमदार को पोस्टपेड सिम कार्ड और खाते मुहैया कराने वाले उनके सहयोगी अनिकेश दास को भी पकड़ा। मनी ट्रेसिंग की जांच करने पर मोहम्मद जाहिद अंसारी और इशाक अंसारी को भी पकड़ा।
कुछ ऐसे करते थे ठगी
पीडि़तों को गैंग बल्क टेक्स्ट मैसेज करते थे। जिसमें उन्हें गलत सूचना दी जाती है कि पिछले महीने के बिल का भुगतान न करने के कारण बिजली कार्यालय द्वारा रात साढ़े नौ बजे उनका बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। इस समस्या को ठीक करने के लिए, उन्हें तुरंत एक नंबर पर बिजली ग्राहक सेवा से संपर्क करने का निर्देश दिया जाता है। इसके बाद, पीडि़तों को उनके मोबाइल पर एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है।
एक बार एपीके फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल हो जाने के बाद, धोखाधड़ी वाले लेनदेन होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप पीडि़तों के बैंक खातों से पैसा डेबिट हो जाता है। अपराधी पीडि़तों को किसी भी ओटीपी (वन-टाइम पासवर्ड) को साझा करने की आवश्यकता के बिना इसे पूरा करते हैं, क्योंकि इस्तेमाल किए गए उपकरण को पहले ही दिखाया जा चुका है। पैसे की निकासी हावड़ा के व्यस्त एसी मार्केट में होती है, जहां आरोपित व्यक्ति पास के लाउंज और होटलों में रहते हैं।


