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Srinagar: ओडिशा के बालासोर में भीषण ट्रेन दुर्घटना वाले मार्ग पर क्या टक्कर रोधी उपकरण लगाया गया था, इसकी जांच होनी चाहिए-फारूक अब्दुल्ला

श्रीनगर: (Srinagar) नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि यह पता लगाने के लिए जांच की जानी चाहिए कि क्या टक्कर रोधी उपकरण उस मार्ग पर लगाया गया था जहां ओडिशा के बालासोर में भीषण ट्रेन दुर्घटना हुई थी और इसके लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। इस दुर्घटना में 238 ज्यादा लोगों की जानें गई हैं।

उन्होंने कहा कि हाल ही में माननीय रेल मंत्री ने घोषणा की कि उन्हें अब एक ऐसा बड़ा उपकरण मिल गया है जिससे ये दुर्घटनाएं नहीं होंगी। मुझे लगता है कि इसकी जांच होनी चाहिए कि क्या वह डिवाइस वहां था और अगर था तो काम क्यों नहीं कर रहा था? यह एक बड़ी आपदा है जो देश में लंबे समय से नहीं हुई है। मुझे लगता है कि हम सभी जानना चाहते हैं कि क्या हुआ।श्रीनगर से लोकसभा सांसद फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि यह देश के लिए बहुत दुखद दिन है क्योंकि तीन ट्रेनों में एक बड़ा हादसा हो गया। उन्होंने कहा कि इसके बारे में चौंकाने वाली बात यह है कि जब एक ट्रेन पटरी से उतरी, तो कोई रास्ता नहीं था कि वे रास्ते में आने वाली अन्य ट्रेनों को सूचित कर सकें।

उन्होंने कहा कि हम सभी जानमाल के नुकसान के लिए दुखी हैं। हम उनकी आत्मा के लिए प्रार्थना करते हैं। वहीं कई लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। हम उनके ठीक होने की प्रार्थना करते हैं। हम कामना करते हैं कि इस देश में फिर कभी ऐसा हादसा न हो।इसी बीच रेलवे सुरक्षा आयुक्त दक्षिण पूर्वी सर्किल की अध्यक्षता में ट्रेन दुर्घटना की उच्च स्तरीय जांच शुरू करने वाली भारतीय रेलवे ने स्पष्ट किया है कि मार्ग पर एंटी-ट्रेन टक्कर प्रणाली कवच उपलब्ध नहीं थी।भारतीय रेलवे के प्रवक्ता अमिताभ शर्मा ने कहा कि बचाव अभियान पूरा कर लिया गया है। अब हम जीर्णाेद्धार का काम शुरू कर रहे हैं। कवच इस मार्ग पर उपलब्ध नहीं था।

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