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Jind : फिल्मी पर्दे पर दिखेगा महिला पहलवान कविता दलाल का संघर्ष, बनेगी फिल्म

जींद: (Jind) जुलाना खंड के गांव मालवी की महिला पहलवान कविता दलाल की लाइफ पर अब फिल्म भी बनेगी। इस फिल्म को लेकर कविता दलाल का मुंबई की टीम के साथ अनुबंध साइन हुआ है। बाकायदा उनके जीवन पर टीम ने कहानी भी लिखने शुरू कर दी है। कविता दलाल का कहना है कि जैसे ही उन्हें इस बात का पता चला कि उनके जीवन और संघर्ष पर फिल्म बन रही है तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उनके संघर्ष को पर्दे पर दिखाया जाएगा और अन्य लड़कियों को प्रेरणा मिलेगी।

जो परिस्थितियों के विपरित जाकर अपने लक्ष्य को हासिल करती है। कविता ने बताया कि प्रीति अग्रवाल के साथ उनकी फिल्म बनाने को लेकर कांट्रेक्ट साइन हुआ है। फिल्म में उनके जिंदगी के पूरे संघर्ष को दिखाया जाएगा। मैं अटल हूं जैसी फिल्मों के निर्माता जीशान भी कविता की बायोपिक पर काम करने को लेकर बेहद उत्सुक नजर आ रहे हैं।

दंगल, मेरीकॉम समेत दूसरी बायोपिक फिल्मों की तरह कविता दलाल की जिंदगी भी फिल्मी सिनेमा के पर्दे पर उतरेगी। कविता दलाल साल 2016 में सूट व सलवार में कविता दलाल की अंतरराष्ट्रीय पहलवान को पटखनी देते हुए वीडियो वायरल हुई थी जिसके बाद कविता दलाल सुर्खियों में आई थी। फिलहाल वह आम आदमी पार्टी से जुड़ी हुई हैं। जुलाना के छोटे से गांव मालवी के किसान परिवार में पैदा हुई कविता दलाल को शुरू से ही दूध व दही खाने का शौक था। शारीरिक रूप से मजबूत और पांच फीट 11 ईंच की कद काठी होने के कारण उसका रूझान वेट लिफ्टिंग की तरफ गया। ग्रामीण परिवेश से निकलकर समाज और आर्थिक हालातों से लड़ते हुए कविता दलाल ने मेहनत की और धीरे-धीरे मैडलों की झड़ी लगा दी। कविता ने वेट लिफ्टिंग में नेशनल गेम्स में कई मेडल जीते।

इसके अलावा साल 2016 में साऊथ एशियार्ड में कविता ने गोल्ड मेडल जीता। इसके साथ ही कविता दलाल डब्ल्यूडब्ल्यूई की फाइटें देखती थी और उसकी इच्छा भी थी कि वह भी इस तरह की फाइटों में भाग लें, इसलिए कविता ने जालंधर की अकेडमी में दाखिला लिया और वहां डब्ल्यू डब्ल्यू ई की फाइटिंग के लिए मेहनत करने लगी। साल 2016 में ही कविता दलाल ने सूट और सलवार में डब्ल्यूडब्ल्यूई की विश्व स्तरीय पहलवान को जबरदस्त पटखनी दी।

इसकी वीडियो वायरल हुई तो देश ही नहीं विदेशों में भी कविता दलाल ने सुर्खियां बटोरी। उसके बाद यूएसए से डब्ल्यूडब्ल्यूई की टीम आई तो उसका सिलेक्शन हुआ। दुबई में होने वाली फाइटिंग के लिए वह भारत से अकेली महिला पहलवान थी।

डब्ल्यूडब्ल्यूई के इवेंट में भी उसने सूट और सलवार में ही फाइटिंग की और भारतीय कल्चर को बढ़ावा दिया, जिसके बाद उसकी पहचान बनने लगी और साल 2017 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें फस्र्ट लेडी के अवार्ड से सम्मानित किया। इसके बाद चार साल तक यूएसए में इसी फील्ड में कविता फाइटिंग करती रही। करीब दो साल पहले कविता भारत लौटी और यहां आने के बाद राजनीति में सक्रिय हो गई और आआपा पार्टी में शामिल हो गई।

कविता का मानना है कि खेलों की नीतियां अच्छी हैं लेकिन यह फाइलों तक सीमित रह जाती हैं और असली टेलेंट दब जाता है। वह चाहती है कि सिस्टम में आकर सिस्टम का हिस्सा बनकर बहुत कुछ बदला जा सकता है। उनका विजन है कि लड़कियों के लिए ऐसा प्लेटफार्म तैयार किया जाएए जिससे उनका टेलेंट उभरकर सामने आए।

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