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Mirzapur : चुनावी माहौल : पर्दे के पीछे चल रहा खेल, नाराजगी से बिगड़ेगा समीकरण

चुनावी दुश्मन से लड़ने के साथ कभी मित्र रहे अंदरखाने के स्वराजनीतिक शत्रु को भी साधने की कोशिश
डेमेज कंट्रोल के लिए भीतरघात का खेल पकड़ने को निष्ठावान कार्यकर्ता सक्रिय
मीरजापुर: (Mirzapur)
नगर निकाय चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के साथ चुनाव चिन्ह का आवंटन किया जा चुका है। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के साथ सभासद पद के लिए मतदान 11 मई को होना है। जिन उम्मीदवारों ने नामांकन किया है, उनके सामने सबसे बड़ी समस्या उन अपनों को मनाने की है जो कल तक साथ थे, लेकिन अब नजर फेरने लगे हैं। नाराज चल रहे लोगों पर नजर रखी जा रही है और पल-पल की जानकारी जुटाई जा रही है। दलीय उम्मीदवार सबसे अधिक परेशान हैं।

अब नाराजगी है तो समीकरण भी बिगड़ेगा। ऐसे में नाराज साथियों को मनाने और उनका भरोसा जीतने का दौर भी मान-मनौव्वल के साथ शुरू हो चुका है। अब राजनैतिक सिंबल पर चुनाव लड़ने की दावेदारी से वंचित भीतरघातियों का डर कुछ उम्मीदवारों को सता रहा है। चुनावी रण के सूरमाओं को सामने वाले चुनावी दुश्मन के साथ लड़ना है तो कभी मित्र रहे अंदरखाने के स्वराजनीतिक शत्रु को भी हर हाल में साधना है। टिकट न मिलने से असंतुष्ट चेहरे भले ही सार्वजनिक तौर पर खुद को आगे नहीं कर रहे हैं, लेकिन पर्दे के पीछे चल रहा खेल कहीं चुनावी समीकरण न बिगाड़ दे, इसका डर हर उम्मीदवार को लगा है। भीतरघात का खेल पकड़ने को भी निष्ठावान कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया गया है, ताकि समय रहते डैमेज कंट्रोल किया जा सके।

…तो विरोधियों के साथ बागियों से भी जूझने को विवश पार्टी उम्मीदवार

वैसे तो नगर निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए 39 तो सभासद पद के लिए 552 उम्मीदवार किस्मत आजमाएंगे। इसमें कई ऐसे उम्मीदवार हैं, जो टिकट न मिलने से नाराज हैं और बगावत पर उतर आए हैं। नगर पालिका परिषद मीरजापुर सीट पर रोचक लड़ाई है।

दरअसल, नगर पालिका परिषद मीरजापुर में वैश्य मतदाता की संख्या अधिक है। ऐसे में भाजपा ने जिला उपाध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी को अध्यक्ष पद का टिकट देकर बड़ा दांव खेला है। वहीं भाजपा से टिकट न मिलने नाराज भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मनोज श्रीवास्तव निर्दल उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में हैं। इसी तरह समाजवादी पार्टी से टिकट न मिलने से नाराज जिला उपाध्यक्ष सुनील कुमार पांडेय आम आदमी पार्टी का दामन थाम चुनावी बैतरवी पार करने की कोशिश में लगे हैं। यही स्थिति कांग्रेस की भी है। काफी दिनों से कांग्रेस से टिकट की आस लगाए सतीश मिश्रा को जब कांग्रेस ने नहीं पूछा तो वे समाजवादी पार्टी के खेमे में आ गए और सपा से टिकट मिलने पर नगर पालिका परिषद मीरजापुर के अध्यक्ष पद के लिए किस्मत आजमा रहे हैं। कामोवेश यही स्थिति नगर पालिका परिषद चुनार, अहरौरा व नगर पंचायत कछवां की भी है। ऐसे में पार्टी उम्मीदवारों को विरोधियों के साथ बागियों का भी सामना करना पड़ रहा है।

चुनावी माहौल बनाने को झोंकी पूरी ताकत

ये अलग बात है कि चुनावी दंगल में कूदने का मन बना चुके अध्यक्ष पद के उम्मीदवार तो महीनों पहले से जनता को नमन कर रहे हैं। वहीं सभासद पद का चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों का भी लोगों से मिलने-जुलने का दौर शुरू हो चुका है। अब उम्मीदवारों ने चुनावी माहौल बनाने को पूरी ताकत झोंक रखी है। इसी बीच राजनीतिक दलों की सभाएं, नुक्कड़ सभाएं कराने के लिए भी इन्हें पसीना बहाना होगा।

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