भोपाल:(Bhopal) अप्रैल के महिने में आमतौर पर जहां तपती गर्मी और गर्म हवाएं परेशान करती है, उससे उलट मप्र में मौसम (unseasonal rain) का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ है। यहां बेमौसम बारिश ने फिजाओं में ठंडक घोल दिया है। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। अप्रैल महीने में औसत 3.6 मिनी बारिश होनी चाहिए। इस बार 27 अप्रैल तक 16.4 मिमी बारिश हो चुकी है।
इधर गुरुवार रात से भोपाल में बारिश हुई, जिससे शुक्रवार सुबह ठंडक महसूस की गई। मौसम विभाग ने प्रदेश में 4 मई तक बारिश की संभावना जताई गई है। शुक्रवार को भी गरज-चमक के साथ वर्षा के आसार हैं। आंधी भी आएगी और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि अरब सागर के साथ बंगाल की खाड़ी में बनी नमी के चलते मध्य प्रदेश में ऐसे हालात बन रहे हैं। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ के लगातार सक्रिय रहने के कारण प्रदेश के कई जिलों में अगले एक सप्ताह तक बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
प्रदेश में इसका असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने 4 मई तक प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। तेज़ आंधी और ओलावृष्टि की भी संभावना रहेंगी। महाकौशल, विंध्य, मालवा, बुंदेलखंड के भी आसार है।
मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी कर शुक्रवार को नर्मदापुरम एवं भोपाल संभाग के जिलों में तथा इंदौर उज्जैन चंबल ग्वालियर रीवा जबलपुर एवं शहडोल संभाग के जिलों में वर्षा या गरज के साथ बोछारें गिरने की संभावना जताई है। वहीं नर्मदापुरम, रीवा, इंदौर, चंबल संभाग के जिलों में एवं भोपाल, दतिया, राजगढ़, ग्वालियर, शिवपुरी, सीहोर, छिंदवाड़ा, उमरिया, नीमच, जबलपुर, शहडोल, रतलाम, मंडला, बालाघाट, नरसिंहपुर, आगर- सिवनी मन्दसौर जिलों में गरज चमक के साथ 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। सागर संभाग के जिलों में रायसेन, देवास, शाजापुर, डिंडोरी, विदिशा, अशोकनगर, गुना, उज्जैन, अनूपपुर, कटनी जिलों में ओलावृष्टि की संभावना है।


