
इंदौर: (Indore) पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठनों से जुड़ाव के शक में इंदौर में 40 साल के उस व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है जो वर्ष 2005 से 2018 के बीच चीन और हांगकांग में रहा था। पुलिस के एक आला अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।इंदौर में पुलिस की खुफिया शाखा के उपायुक्त (डीसीपी) रजत सकलेचा ने संवाददाताओं को बताया कि शहर के चंदन नगर क्षेत्र में रहने वाले संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है।
उन्होंने संदिग्ध के नाम के खुलासे से इनकार करते हुए बताया कि इंदौर पुलिस को मुंबई पुलिस और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के जरिये खुफिया जानकारी मिली थी कि 40 साल के इस व्यक्ति पर आईएसआई या आतंकी संगठनों से जुड़े होने का संदेह है।सकलेचा ने बताया,‘‘यह व्यक्ति चीन और हांगकांग में 2005 से 2018 तक रेस्तरां और मोबाइल बिक्री के क्षेत्रों में नौकरी कर चुका है। पूछताछ के दौरान उसने अपने बचाव में कहा कि एक चीनी महिला से उसके तलाक को लेकर चीन में मुकदमा चल रहा है और महिला के वकील ने उसे फंसाने के लिए भारतीय खुफिया एजेंसियों को उसके खिलाफ गलत शिकायत की है।’’
उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में इंदौर लौटने के बाद इस व्यक्ति ने चौथी शादी की थी। सकलेचा ने बताया कि मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इस शहर में यह व्यक्ति दवाओं, कपड़ों और तेल का कारोबार कर चुका है।डीसीपी ने बताया कि इस व्यक्ति का एक नजदीकी रिश्तेदार कुवैत में रहता है। उन्होंने बताया,‘‘यह व्यक्ति महज पांचवीं पास है, लेकिन विदेश में रहने के कारण वह चीनी और अंग्रेजी भाषाएं सीख चुका है।”
सकलेचा ने बताया कि इस व्यक्ति ने पहली बार वर्ष 2003 में भारतीय पासपोर्ट बनाया था और 2006 में उसने अपना पासपोर्ट गुम होने की शिकायत करते हुए हांगकांग स्थित भारतीय दूतावास की मदद से नया पासपोर्ट बनवाया था।उन्होंने बताया कि इस व्यक्ति के कब्जे से हालांकि अब तक कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली है, लेकिन उसके बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है और पूछताछ में उसके दिए बयानों की तस्दीक संबंधित दूतावासों से भी की जा रही है।डीसीपी ने बताया कि इंदौर पुलिस, केंद्र और राज्य की सभी संबंधित एजेंसियों से तालमेल के जरिये इस व्यक्ति को लेकर तमाम बिंदुओं पर जांच कर रही है और अभी उसके बारे में किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंचा गया है।


