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Lucknow: उत्तर प्रदेश सरकार और यूएई के मंत्रियों ने संबंधों को प्रगाढ़ बनाने की प्रतिबद्धता जतायी

लखनऊ: (Lucknow) उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम (MSME) मंत्री राकेश सचान और यूएई के मंत्रियों अहमद बिन अली अल साइग़ व डॉ. सानी बिन अहमद अल जायोदी के बीच शनिवार को वार्ता हुई।

इस दौरान दोनों पक्षों ने कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच वर्षों से चले आ रहे पारंपरिक व आर्थिक संबंध ‘उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन 2023’ के जरिए और मजबूत होंगे।

दोनों पक्षों ने कहा कि सम्मेलन विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और यूएई के लिए मील का पत्थर साबित होगा। यूएई के मंत्रियों ने कहा कि यह सिर्फ एक शुरुआत है, आने वाले समय में हमारे बहुत सारे निवेशक उत्तर प्रदेश का रुख करेंगे।

उत्तर प्रदेश के मंत्री सचान ने कहा कि 23 सितंबर 2021 को भारत सरकार और यूएई के बीच आर्थिक सहयोग को लेकर साझेदारी हुई थी। उसके बहुत सकारात्मक परिणाण देखने को मिले हैं। इस साझेदारी के चलते यूएई और भारत के बीच व्यापार में कई गुना वृद्धि हुई है।

एक बयान के मुताबिक सचान ने कहा, “यूएई से आयात-निर्यात 50 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। हम उत्तर प्रदेश और यूएई के बीच अच्छे संबंधों की आशा करते हैं। बीते माह हमारे दल ने यूएई का दौरा किया था, जहां डॉ. सानी ने हमारा गर्मजोशी से स्वागत किया था।” उन्होंने कहा कि ‘अबुधाबी चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री’ ने भी काफी सहयोग किया। लुलु मॉल ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ 3300 करोड़ रुपए का समझौता (एमओयू) किया, जिसके तहत वह अयोध्या और वाराणसी समेत कुछ अन्य जगह भी अपने मॉल खोलेगा। वहीं, एलाना ग्रुप ने भी खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश का ऐलान किया है।

यूएई के मंत्री साइग ने कहा, “उत्तर प्रदेश के साथ हमारे करीबी संबंध हैं। हमने हाल ही में एक-दूसरे के साथ सरकारी स्तर पर सहयोग बढ़ाया है और मुझे उम्मीद है कि यह सहयोग नयी ऊंचाइयों को छुएगा। हम उत्तर प्रदेश में परंपरागत निवेश के अलावा नए और उभरते क्षेत्रों पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इनमें रक्षा, अंतरिक्ष, खादय प्रसंस्करण समेत कई अन्य क्षेत्र शामिल हैं।”

उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में यूएई की कुछ कंपनियां उत्तर प्रदेश में फूड पार्क बनाने जा रही हैं। हमने लक्ष्य रखा है कि अगले पांच वर्षों में यूएई का भारत के साथ कुल व्यापार 100 अरब डॉलर तक पहुंचेगा। पिछले साल भारत-यूएई आर्थिक संबंधों को मजबूती देने के लिए हमने ‘आई टू, यू टू’ की शुरुआत की थी। यह पहल काफी सफल रही थी।

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