गांव के 100 युवकों को टी-शर्ट, लाठी, सीटी व पहचान पत्र वितरित
वसई : मांडवी पुलिस ने अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और अपराध को रोकने के साथ-साथ बंदोस्ता की मदद के लिए अब ग्राम सुरक्षा दल की स्थापना की है। इसके तहत गांव के 100 युवकों को टी-शर्ट, लाठी, सीटी व पहचान पत्र प्रदान किया गया है। पुलिस के काम में सक्रिय रूप से मदद करने के लिए यह अपनी तरह का पहला प्रयोग है। पिछले साल विरार पुलिस थाने को विभाजित कर मांडवी पुलिस थाना बनाया गया था। मांडवी पुलिस थाने में 32 गांव और कई छोटे पाडे हैं। इस पुलिस स्टेशन की सीमा के भीतर 15 किलोमीटर लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग और 12 किलोमीटर लंबा राज्य राजमार्ग है। इसलिए पुलिस सभी जगहों पर नजर नहीं रख सकी। इसलिए, इस क्षेत्र में अवैध गतिविधियों और अनैतिकता को रोकने और त्योहारों, चुनाव आदि के दौरान सुरक्षा बनाए रखने के लिए वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रपुल्ला वाघ द्वारा ग्राम सुरक्षा बल की अवधारणा प्रस्तावित की गई थी। ग्रामीणों ने उसका सकारात्मक जवाब दिया। गांव के युवाओं का सत्यापन करने के बाद 100 युवाओं का चयन किया गया है।
इस ग्राम सुरक्षा बल की शुरुआत गणतंत्र दिवस के मौके पर की गई है। उन्हें टी-शर्ट, लाठी, सीटी और पहचान पत्र दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रफुल्ल वाघ ने विश्वास व्यक्त किया कि इससे गांव में चोरी और सेंधमारी जैसे अपराधों पर रोक लगेगी और ग्रामीण भयमुक्त वातावरण में रह सकेंगे। बताया जा रहा है कि इस ग्राम सुरक्षा बल का इस्तेमाल कई तरह की सुरक्षा और अभियानों के लिए किया जाएगा। पुलिस कमिश्नरेट में इस तरह का यह पहला प्रयोग है। ग्राम सुरक्षा दल एक अभिनव अवधारणा है। इस ग्राम सुरक्षा दल की स्थापना पुलिस और नागरिकों के बीच सामंजस्य स्थापित करने और सामाजिक कार्यों में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के उद्देश्य से की गई है।
यह ग्राम सुरक्षा बल पुलिस की आंख और कान के रूप में कार्य करेगा और क्षेत्र में अच्छी कानून व्यवस्था बनाकर अपराध को रोकने में मदद करेगा।
- सुहास बावचे, उपायुक्त, परिमंडल-3 ।


