
आलोक गुप्ता
प्रयागराज : (Prayagraj) माघ मेला को अब महज एक माह, कुछ दिन ही शेष बचे हैं। ऐसे में संगम तट पर तंबुओं की नगरी बसाए जाने का कार्य तेज हो गया है। जगह-जगह बिजली के पोल लगाए जा रहे हैं। पेयजल पाइपलाइन बिछाईजा रही है। मेलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने बताया कि माघ मेला 2022-23 में साधु-संतों, संस्थाओं व अन्य को भूमि आवंटन की प्रक्रिया 11 दिसंबर से शुरू कर दी जाएगी।
मेलाधिकारी ने बताया, माघ मेला 2022-23 में 11 एवं 12 दिसंबर को दंडी स्वामी नगर, दंडी बाड़ा मार्ग में भूमि का आवंटन किया जाएगा। इसी प्रकार 14 व 15 दिसंबर को खाक चौक, 17 व 18 दिसंबर को आचार्य स्वामी नगर (आचार्य बाड़ा), 19 को संगम लोवर मार्ग, संगम अपर मार्ग एवं सरस्वती मार्ग, महावीरजी मार्ग पर भूमि आवंटन होगा।
इसी क्रम में 20 दिसंबर को अन्नपूर्णा मार्ग, सेक्टर 1 एवं 2, परेड, शास्त्री गाटा, कबीर नगर, 21 दिसंबर को रामानुज मार्ग, गणपति मार्ग, जीटी मार्ग, अरैल, 22 दिसंबर को तुलसी मार्ग, 23 दिसंबर को त्रिवेणी मार्ग, हरिश्चंद्र मार्ग, 24 दिसंबर को काली मार्ग, गंगोली-शिवाला मार्ग एवं 25 दिसंबर को समुद्रकूप मार्ग एवं इंटर लाकिंग मार्ग सेक्टर-3, समयामाई मार्ग एवं अन्य संस्थाओं के लिए भूमि का आवंटन किया जाएगा।
मेलाधिकारी ने बताया, सुविधा पर्चियों की प्राप्ति के लिए पहचानयुक्त फोटो एवं आधार कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा है कि अपरिहार्य परिस्थितियों में उपरोक्त तिथियों में परिवर्तन संभव है। जिन संस्थाओं/प्रयागवाल द्वारा विगत वर्ष कुंभ/महाकुंभ/माघ मेला अथवा अन्य किसी वर्षों में टिन, टेंट, फर्नीचर की सुविधाए प्राप्त कर वापस नहीं की गई हैं, उन्हें वर्तमान वर्ष में किसी भी प्रकार की भूमि एवं सुविधा देय नहीं होगी।
प्रत्येक शिविर धारक को मेले की संपूर्ण अवधि (माघी पूर्णिमा) तक शिविर बनाए रखना अपरिहार्य होगा। सुविधा पर्ची, भूमि आवंटन के दो दिन बाद ही निर्गत की जाएगी। मेला प्रशासन द्वारा वैश्विक महामारी/आपदा आदि से संबंधित आकस्मिकता की स्थिति में जारी नियमों/प्रावधानों का अनुपालन प्रत्येक व्यक्ति/संस्था द्वारा किया जाना अपरिहार्य होगा।


