
इस्लामाबाद:(ISLAMABAD) इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने घोषणा की है कि पूर्व प्रधानमंत्री अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले के बावजूद मध्यावधि चुनाव करवाने की मांग को लेकर सरकार पर दबाव डालने के मकसद से जुम्मे की नमाज़ के बाद देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी।
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के वज़ीराबाद इलाके में विरोध मार्च के दौरान एक बंदूकधारी ने खान (70) को ले जा रहे ट्रक पर गोली चला दी, जिससे खान के पैर में गोली लग गई थी। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई है। खान की पार्टी का दावा है कि यह इमरान खान की ‘‘हत्या का प्रयास’’ था।पीटीआई पार्टी के महासचिव असद उमर ने ट्वीट कर कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मान ली जाएंगी तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।उमर ने कहा, ‘‘जुम्मे की नमाज़ के बाद देश भर में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। जब तक इमरान खान की मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक यह विरोध लगातार जारी रहेगा।’’
हालांकि, उन्होंने खान द्वारा की जा रही मांगों के बारे में स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा, लेकिन खान वर्तमान सरकार पर मध्यावधि चुनावों करवाए जाने की मांग कर रहे हैं। खान ने शहबाज़ शरीफ नीत सरकार पर दबाव डालने के लिए 28 अक्टूबर को ‘हकीकी आज़ादी’ मार्च शुरू किया था।पार्टी का कहना है कि खान, अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले के बावजूद सरकार पर जल्द चुनाव कराने का दबाव डालने के वास्ते अपना राजनीतिक संघर्ष जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।पीटीआई के एक वरिष्ठ नेता फवाद चौधरी ने आरोप लगाया कि यह ‘‘यह हमला खान पर एक सुनियोजित हत्या का प्रयास था और वह बाल-बाल बच गए। हमला किसी नौ एम.एम. की पिस्तौल से नहीं बल्कि एक स्वचालित हथियार से किया गया।’’
पुलिस ने कहा था कि हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि सात घायल हो गए। हालांकि, ‘डॉन’ अखबार ने शुक्रवार को कहा, एक व्यक्ति की मौत के अलावा 14 लोग घायल हुए हैं।पीटीआई पार्टी के अनुसार, लाहौर में खान द्वारा बनवाए गए शौकत खानम अस्पताल में उनकी सर्जरी की गई और अब वे खतरे से बाहर हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि खान विरोध मार्च जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर खान के हवाले से कहा गया, ‘‘मैं नहीं झुकूंगा, अपने साथी पाकिस्तानियों के लिए ‘हकीकी आज़ादी’ हासिल करने के वास्ते दृढ़ रहूंगा।’’खान ने 28 अक्टूबर को लाहौर से चल कर चार नवंबर तक इस्लामाबाद पहुंचने के लक्ष्य से ‘हकीकी आज़ादी’ मार्च शुरू किया था, लेकिन प्रदर्शन के कार्यक्रम में बदलाव के कारण मार्च के अब 11 नवंबर तक इस्लामाबाद पहुंचने की संभावना है।
बता दें कि अभी तक शहबाज़ शरीफ नीत सरकार ने खान के नेतृत्व में पीटीआई कार्यकर्ताओं को राजधानी में रैली करने की अनुमति नहीं दी है।इस बीच,इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने राजधानी में विरोध रैली की अनुमति देने वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।खान पर हमला करने वाले हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया और एक इकबालिया बयान का वीडियो भी जारी हुआ है।


