
इंडिया ग्राउंड रिपोर्ट डेस्क
अगरतला:(Agartala) त्रिपुरा विधानसभा में विपक्ष के नेता माणिक सरकार (Leader Manik Sarkar)ने सभी ‘धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक ताकतों’ को भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा ‘‘लोगों की आजादी पर किए जा रहे हमलों’’ के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया और कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में ‘वोट लूटने’ की सत्ताधारी पार्टी की कोशिश का हर तरह से विरोध किया जाएगा।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सरकार ने बृहस्पतिवार रात कहा कि वामपंथी दलों को सभी धर्मनिरपेक्ष दलों से सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, ‘‘माकपा (Marxist Communist Party) भाजपा और आरएसएस (Rashtriya Swayamsevak Sangh) को अलग-थलग करने के साथ ही विभाजनकारी ताकतों को पराजित करना चाहती है। इस संघर्ष में सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतों का स्वागत है।’’
सरकार ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने एक उच्च स्तरीय बैठक में फैसला किया है कि सभी राज्यों में चुनावी गठबंधन का जिम्मा स्थानीय नेतृत्व पर रहेगा।
सत्ताधारी भाजपा पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि उसे 2023 के चुनाव में हार का डर सता रहा है इसलिए वह विपक्षी दलों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों को बाधित करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा अगर सोचती है कि वह अब वोट लूट सकती है तो वह ख्याली पुलाव पका रही है। इस बार, जो लोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अभिन्न अंग हैं, वे हर तरह से ऐसे प्रयासों का विरोध करेंगे।’’
सरकार ने मुख्यमंत्री माणिक साहा के उन दावों को भी खारिज किया कि इस उत्तर पूर्वी राज्य में कानून व व्यवस्था की स्थिति वामपंथी शासन के मुकाबले बेहतर है।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी खबरें हैं कि पुलिसकर्मी थानों में अपराधियों के साथ चाय और बिस्कुट साझा करते हैं। वे महिला पीड़ितों से अपराधियों के साथ चर्चा करने और समस्या को खुद सुलझाने के लिए कहते हैं।’’


