
इंडिया ग्राउंड रिपोर्ट डेस्क
भुवनेश्वर:(Bhubaneswar) स्वतंत्रता सेनानी एवं राष्ट्रपति पुरस्कार (Freedom Fighter and President Award) से सम्मानित विश्वनाथ दास का मंगलवार को निधन हो गया। वह 106 साल के थे। यह जानकारी पारिवारिक सूत्रों ने दी।
दास का कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SCB Medical College Hospital) में वृद्धावस्था संबंधी बीमारियों के चलते निधन हो गया।
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्वतंत्रता सेनानी के निधन पर शोक व्यक्त किया। पटनायक ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान अतुलनीय है।
प्रधान ने ट्वीट किया, ‘‘विश्वनाथ दास के निधन के बारे में सुनकर बेहद दुख हुआ। स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका को आने वाली पीढ़ियों द्वारा याद किया जाएगा। मैं शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।’’
दास जगतसिंहपुर जिले के बालिकुडा इलाके के रहने वाले थे। वह महात्मा गांधी के एक आह्वान पर स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हो गए थे। उन्हें बालिकुडा गांधी भी कहा जाता था।
दास को 2012 में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सम्मानित किया था। वह ओडिशा के उन 10 स्वतंत्रता सेनानियों में से थे, जिन्हें 2020 में भारत छोड़ो दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति पुरस्कार मिला था।


