
पनवेल : पनवेल के रोडपाली में एक बाइक सवार और ट्रैफिक पुलिसकर्मी के साथ धक्कामुक्की हो गई। ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने उससे गाड़ी के कागज पत्र और लाइसेंस दिखाने को कहा था। बाइक सवार ने लाइसेंस और कागज पत्र दिखाने से मना कर दिया और पुलिसकर्मियों से बहस करने लगा इतने में ट्रैफिक पुलिसकर्मी उनके पास गया और उसे धक्का देकर गिरा दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार रोडपाली में सिग्नल बंद होने के कारण ट्रैफिक विभाग के कर्मचारी वहां ट्रैफिक को नियंत्रित कर रहे थे, तभी वहां एक बाइक सवार गलत रास्ते से आया। जिसपर ट्रैफिककर्मियों ने रोककर कागज पत्र दिखाने को कहा, तो बाइक सवार मांगे गए दस्तावेज दिखाने की जगह उनसे बहस करने लगा। दोनों में कुछ समय बहस हुई, देखते – देखते ट्रैफिक पुलिसकर्मी बाइक सवार उसके करीब पहुंचा और बहस धक्का मुक्की में बदल गई। बाइक सवार ने धक्का दिया उसके बाद ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने भी उसे धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया था। इतना सब होने के पश्चात पुलिसकर्मी बाइक सवार को पकड़कर अपने साथ पुलिस स्टेशन लेकर गए, जहां उसे फाइन मारकर छोड़ दिया गया। ट्रैफिककर्मियों के साथ हुई यह धक्का मुक्की पनवेल क्षेत्र में कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इसी तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं। किसी भी व्यक्ति के दस्तावेज चेक करने का अधिकार पुलिस को है,लेकिन उन्हें धक्का मुक्की करने का अधिकार किसने दे दिया हैं। उनके पास जब फाइन मरने का अधिकार है, तो फिर पुलिसकर्मी बहस करते क्यों हैं?


