latestpoem रोजाना एक कविता : आज पढ़ें कवि उपमा ऋचा की कविता निकलती रहे धूप By India Ground Report - May 22, 2022 0 373 FacebookXPinterestWhatsApp दिन जब मुट्ठी खोलता हैतो केवल धूप नहीं निकलतीपरिंदों की उड़ान, फूलों के रंगऔर पर्वतों के साए भीबाहर निकल आते हैं निकलती रहे धूपउड़ते रहें परिंदेखिलते रहें रंगऔर बने रहें पर्वतों केधरती की दहलीज़ पर