
यमन : (Yemen) पश्चिम एशिया में पिछले 29 दिनाें से जारी युद्ध के बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने इजराइल पर बैलिस्टिक मिसाइलों से बड़ा हमला (ballistic missile attack) किया है। यह ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किए जाने के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर है। अल जजीरा के अनुसार हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने विद्रोहियों के अल मसीरा चैनल पर हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक हमारे घोषित लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते। दक्षिणी इजरायल के संवेदनशील सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलों की बौछार की गई।
हालांकि, इजराइली सेना का दावा है कि उसने एक मिसाइल को बीच में ही इंटरसेप्ट कर लिया। हमले के दौरान बीरशेबा और इजरायल के प्रमुख परमाणु अनुसंधान केंद्र के आसपास सायरन बजते रहे, जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गई। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब हिज़्बुल्लाह और ईरान पहले से ही इजराइल के खिलाफ संघर्ष में शामिल हैं। इससे युद्ध के और व्यापक होने की आशंका बढ़ गई है। हूती विद्रोहियों ने पहले भी लाल सागर में व्यापारिक जहाज़ों को निशाना बनाकर वैश्विक व्यापार को प्रभावित किया है। नवंबर 2023 से जनवरी 2025 के बीच उन्होंने 100 से अधिक जहाज़ों पर हमले किए, जिनमें दो जहाज डूब गए और चार नाविकों की मौत हाे गई थी।
हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को बंद करने की भी चेतावनी दी है। यह जलमार्ग वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जहां से हर साल लगभग एक ट्रिलियन डॉलर का माल गुजरता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह जलडमरूमध्य बंद होता है तो स्वेज नहर और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे प्रमुख समुद्री मार्गों पर भी असर पड़ेगा, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो सकता है। इस बीच दक्षिणी लेबनान से हुए रॉकेट हमलों में नौ इज़रायली सैनिकों के घायल होने की खबर है।
माना जा रहा है कि इज़राइल इस हमले का जवाब दे सकता है, जिससे संघर्ष और तेज़ हो सकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध के नए मोर्चे खुलने से इजराइल की सैन्य रणनीति और सरकार के फैसलों पर भी सवाल उठ सकते हैं। हूती विद्रोहियों के हमले ने मध्य पूर्व के युद्ध को और जटिल बना दिया है। यदि यह संघर्ष और फैलता है तो इसका असर न सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गहरा पड़ सकता है।


