
वाशिंगटन : (Washington) अमेरिका के स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग (एचएचएस) (US Department of Health and Human Services) ने वायरल धोखाधड़ी के आरोपों का हवाला देते हुए मिनेसोटा राज्य के संघीय चाइल्ड केयर फंड (बाल देखभाल भुगतान) पर रोक लगा दी। एचएचएस के उप सचिव जिम ओ’नील ने एक्स में मंगलवार को इस कदम की घोषणा करते हुए लिखा, ”मिनेसोटा और पूरे देश में बड़े पैमाने पर खुली धोखाधड़ी हो रही है। हमने पैसे का भुगतान रोक दिया है। धोखाधड़ी का पता लगाया जा रहा है।”
सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ओ’नील ने यह जानकारी साझा करते हुए वीडियो का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इसमें कंजर्वेटिव यू-ट्यूबर निक शर्ली ने आरोप लगाया कि फंड लेने वाले मिनेसोटा के लगभग एक दर्जन डे केयर सेंटर असल में सेवाएं नहीं दे रहे हैं। ओ’नील ने कहा कि एजेंसी ने वीडियो में बताए गए सेंटरों की पहचान कर ली है। राज्य से उनका व्यापक विवरण मांगा गया है।
राज्य के रिकॉर्ड के अनुसार, दो डे केयर सेंटर को छोड़कर सभी मान्यता प्राप्त हैं। (मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज) के प्रवक्ता ने बयान में कहा, ”गवर्नर वर्षों से धोखाधड़ी से लड़ रहे हैं, जबकि राष्ट्रपति धोखेबाजों को जेल से बाहर निकाल रहे हैं। धोखाधड़ी गंभीर मुद्दा है। लेकिन यह इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। इससे मिनेसोटा के लोगों को नुकसान होगा। लोगों की मदद करने वाले सरकारी कार्यक्रमों की फंडिंग नहीं बंद की जानी चाहिए।”
ओ’नील ने कहा कि अब देश भर में किए जाने वाले सभी भुगतानों के लिए किसी भी राज्य को पैसे भेजने से पहले एक शपथपत्र, एक रसीद और फोटो की जरूरत होगी। एचएचएस के साझा किए गए एक वीडियो में एजेंसी के प्रमुख एलेक्स एडम्स ने कहा कि एडमिनिस्ट्रेशन फॉर चिल्ड्रन एंड फैमिलीज सालाना मिनेसोटा को चाइल्ड केयर फंड में लगभग 185 मिलियन डॉलर (1,661.22 करोड़ रुपये) भेजता है। इससे कम आय वाले परिवारों के लगभग 23,000 बच्चों की सहायता होती है।


