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Washington : ट्रंप के दावे को झुठलाने पर अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी प्रमुख जेफरी क्रूस बर्खास्त

वाशिंगटन : (Washington) पेंटागन ने अमेरिकी वायु सेना के लेफ्टिनेंट जनरल और रक्षा खुफिया एजेंसी के प्रमुख जेफरी क्रूस को बर्खास्त कर दिया है। एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी और एक सीनेटर ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह कार्रवाई रक्षा खुफिया एजेंसी की प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार करने के कुछ हफ्ते बाद हुई है। इस रिपोर्ट में राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप (President Donald J. Trump) के दावे का खंडन किया गया था। राष्ट्रपति ने दावा किया था कि ईरान के परमाणु स्थल अमेरिकी सैन्य हमलों में नष्ट कर दिए गए थे। जनरल क्रूस की नियुक्ति बाइडेन प्रशासन के दौरान हुई थी।

फिलहाल, रक्षा खुफिया एजेंसी की उप निदेशक क्रिस्टीन बोर्डिन (Defense Intelligence Agency Deputy Director Christine Bordin) को कार्यवाहक निदेशक के रूप में जिम्मा सौंपा गया है। वह इस पद पर जनरल क्रूस के उत्तराधिकारी की घोषणा तक रहेंगी। उत्तराधिकारी के नाम को सीनेट अनुमोदित करेगी।

द न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के अनुसार, जेफरी क्रूस, ट्रंप के पदभार ग्रहण करने के बाद हटाए जाने वाले दूसरे शीर्ष सैन्य खुफिया अधिकारी हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के प्रमुख जनरल टिमोथी डी. हॉग को एक दक्षिणपंथी सिद्धांतकार की शिकायत किए जाने के बाद पद से हटा दिया गया था।

रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि रक्षा सचिव पीट हेगसेथ (Defense Secretary Pete Hegseth) ने नौसेना रिजर्व की प्रमुख वाइस एडमिरल नैन्सी लैकोर और नौसेना विशेष युद्ध कमान की देखरेख करने वाले नौसेना सील अधिकारी रियर एडमिरल जेमी सैंड्स को भी बर्खास्त कर दिया है। तीन अधिकारियों की बर्खास्तगी पर पेंटागन ने तत्काल कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है।

सीनेट की खुफिया समिति के वरिष्ठ डेमोक्रेट सीनेटर मार्क वार्नर (Senator Mark Warner) ने कहा कि जनरल क्रूस को बर्खास्त किया जाना परेशान करने वाला है। उनका गैर-पक्षपाती सेवा का लंबा करियर रहा है। वार्नर ने कहा, “एक और वरिष्ठ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी की बर्खास्तगी ट्रंप प्रशासन की खतरनाक आदत को दर्शाती है।” उल्लेखनीय है कि रक्षा खुफिया एजेंसी (Defense Intelligence Agency) विदेशी सेनाओं के बारे में खुफिया जानकारी इकट्ठा करने का काम करती है। इसमें उनकी सेनाओं का आकार, स्थिति और संख्या शामिल है। यह एजेंसी पेंटागन में सेना के लड़ाकू कमांड और योजनाकारों को यह जानकारी प्रदान करती है।

एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी (जिन्हें सार्वजनिक रूप से बोलने का अधिकार नहीं है) ने कहा कि जनरल क्रूस अब खुफिया एजेंसी के निदेशक के रूप में काम नहीं करेंगे। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें वायु सेना में कोई दूसरा पद दिया जाएगा या वे सेवानिवृत्त होंगे। दो कांग्रेसी अधिकारियों ने कहा कि सांसदों को शुक्रवार को सूचित किया गया कि हेगसेथ ने “विश्वास की कमी” के कारण जनरल क्रूस को बर्खास्त कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि जून में ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी सैन्य हमलों (US military attacks) के कुछ दिनों बाद रक्षा खुफिया एजेंसी ने एक प्रारंभिक आकलन तैयार किया। इसमें बताया गया कि तेहरान का परमाणु कार्यक्रम केवल कुछ महीनों के लिए ही पीछे चला गया है। सीएनएन और द न्यू यॉर्क टाइम्स ने इस आकलन को छापा। इस पर व्हाइट हाउस की तीखी प्रतिक्रिया हुई। कुछ दिनों बाद व्हाइट हाउस और वरिष्ठ खुफिया अधिकारियों ने ईरान के खिलाफ एक अधिक सफल अभियान की एक अलग तस्वीर पेश करने की कोशिश की। वार्नर ने क्रूस की बर्खास्तगी को सीधे तौर पर उस ऑपरेशन के बारे में एजेंसी के आकलन से जोड़ा है।

वार्नर ने कहा, “इस तरह का ईमानदार और तथ्य-आधारित विश्लेषण ही वह चीज है जिसकी हमें अपनी खुफिया एजेंसियों से अपेक्षा करनी चाहिए, चाहे वह व्हाइट हाउस के कथन को बढ़ावा दे या न दे। लेकिन जब खुफिया जानकारी को तोड़मरोड़ कर पेश किया जाता है या दबा दिया जाता है, तो विरोधियों का पलड़ा भारी हो जाता है और अमेरिका कम सुरक्षित रह जाता है।”

द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जनरल क्रूस की जगह कौन लेगा। 34 साल के वायु सेना के अनुभवी जनरल क्रूस ने वाशिंगटन और विदेशों में कई वरिष्ठ खुफिया पदों पर काम किया है। वह अफगानिस्तान, पाकिस्तान और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सैन्य खुफिया अभियानों का नेतृत्व कर चुके हैं।

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