spot_img

Washington : चटक रही चांद की जमीन, सतह पर पड़े हजारों चीरें

Washington: The Moon's surface is cracking, leaving thousands of cracks on the surface.

वॉशिंगटन : (Washington) नेशनल एयर एंड स्पेस म्यूजियम (National Air and Space Museum) के विशेषज्ञों ने चांद की सतह पर 1,114 नई दरारों की खोज की है। इस खोज के बाद अब चांद पर मिली कुल दरारों की संख्या बढ़कर 2,634 हो गई है।

क्यों सिकुड़ रहा है चांद?

चांद का अंदरूनी हिस्सा समय के साथ ठंडा हो रहा है। जैसे-जैसे यह ठंडा होता है, इसकी ऊपरी सतह (पपड़ी) सिकुड़ने लगती है। इस खिंचाव और दबाव की वजह से चांद की सतह पर ऊंची लकीरें और दरारें बन रही हैं।

नासा के लिए चिंता की बात

यह खबर उन स्पेस एजेंसियों के लिए बुरी है, जो चांद पर इंसान भेजने या वहां बेस बनाने की योजना बना रही हैं। चांद के सिकुड़ने से वहां चंद्र-भूकंप आते हैं। नासा 2028 तक इंसानों को चांद पर उतारना चाहता है। ये दरारें और भूकंप इंसानों द्वारा बनाए गए बेस और उपकरणों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

जियोलॉजिकल बदलाव

ये दरारें भले ही लाखों साल पुरानी हों, लेकिन चांद के इतिहास के हिसाब से ये नई संरचनाएं हैं, जिसका मतलब है कि चांद अभी भी बदल रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य के मिशनों की सुरक्षा के लिए चांद की इस हलचल को समझना सबसे जरूरी काम बन गया है।

Explore our articles