वाशिंगटन : (Washington) अमेरिका के उच्चतम न्यायालय (US Supreme Court) ने शुक्रवार को ट्रंप प्रशासन को कांग्रेस से आवंटित विदेशी सहायता पर चार अरब डॉलर के खर्च को रोकने की अनुमति दे दी। इससे पहले एक संघीय न्यायाधीश ने फैसला सुनाया था कि प्रशासन को महीने के अंत तक यह धनराशि खर्च करनी होगी। उच्चतम न्यायालय के फैसले ने इस पर रोक लगा दी।
एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पब्लिक सिटीजन लिटिगेशन ग्रुप (Public Citizen Litigation Group) के वकील निकोलस सैंसोम ने कहा, “यह परिणाम शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांतों को और कमजोर करता है। इसका गंभीर मानवीय प्रभाव भी पड़ेगा।” निकोलस सैंसोम मुकदमा दायर करने वाले गैर-लाभकारी समूहों का प्रतिनिधित्व करते हैं। न्यायालय ने संक्षिप्त आदेश में कहा कि सरकार ने “पर्याप्त रूप से साबित” कर दिया है कि जिन समूहों ने मुकदमा दायर किया, उन्हें इम्पाउंडमेंट कंट्रोल एक्ट नामक कानून के तहत संबंधित मुकदमा दायर करने से रोक दिया गया।
उल्लेखनीय है कि जनवरी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद से न्यायालय ने प्रशासन के 20 आपातकालीन आवेदनों को स्वीकार कर लिया है। आपातकालीन आवेदनों की संख्या और जिस दर से न्यायालय ने प्रशासन के पक्ष में फैसला सुनाया है, दोनों ही अभूतपूर्व हैं। बाद वाले आवेदन ने निचली अदालत के न्यायाधीशों सहित कानूनी समुदाय के भीतर आलोचना को जन्म दिया है।
न्यायालय में तीन उदारवादियों ने असहमति जताई। न्यायमूर्ति एलेना कगन (Justice Elena Kagan) ने लिखा कि इस मामले में कानूनी मुद्दा पहले कभी प्रस्तुत नहीं किया गया था। इसका अर्थ है कि अदालत “अज्ञात क्षेत्र” में काम कर रही थी। उन्होंने कहा कि फिर भी, बहुमत ने मौखिक दलीलें सुने बिना या पूरी तरह से तर्कसंगत निर्णय दिए बिना सरकार द्वारा किए गए आपातकालीन अनुरोध को स्वीकार कर लिया।
कगन ने लिखा, “इसलिए हमें इस आवेदन को अस्वीकार कर देना चाहिए था। निचली अदालतों को आगे बढ़ने देना चाहिए था और यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि यहां प्रस्तुत महत्वपूर्ण प्रश्न पर उचित विचार किया जाए।” सनद रहे ट्रंप प्रशासन ने पहले ही अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी (USAID) को भंग करने के लिए त्वरित कार्रवाई की है। यह वह सरकारी विभाग है जो पारंपरिक रूप से जल उपलब्धता और रोग निवारण जैसे मुद्दों से निपटने के लिए प्रति वर्ष अरबों डॉलर की विदेशी सहायता प्रदान करता है।
यह विवादित धनराशि कांग्रेस ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए आवंटित की थी, जो 30 सितंबर को समाप्त हो रहा है। ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि वह चार अरब डॉलर की विदेशी सहायता रोकना चाहता है, लेकिन कांग्रेस द्वारा आवंटित 6.5 अरब डॉलर और खर्च करेगा। बजट पर राष्ट्रपति के नियंत्रण को विनियमित करने के लिए 1974 में इम्पाउंडमेंट कंट्रोल एक्ट पारित किया गया था। यह तत्कालीन राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन द्वारा उन कार्यक्रमों पर खर्च रोकने के प्रयासों के बाद पारित किया गया था जिनका वे समर्थन नहीं करते थे।
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वह “निरसन” नामक एक प्रक्रिया के माध्यम से धनराशि रोक सकता है, जिसमें राष्ट्रपति कांग्रेस को कुछ धनराशि खर्च न करने के अपने इरादे से अवगत कराते हैं। लेकिन धनराशि समाप्त होने में बहुत कम समय बचा है, इसलिए कांग्रेस चाहे तो भी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देगी। ट्रंप की नीतियों का व्यापक रूप से समर्थन करने वाले रिपब्लिकन दोनों सदनों पर नियंत्रण रखते हैं और पहली अक्टूबर से पहले अगले वित्तीय वर्ष के लिए सरकार को धन मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं।
वित्तीय वर्ष के अंत तक कांग्रेस को सूचित करने का प्रशासन का निर्णय कानूनी रूप से संदिग्ध रणनीति है जिसे “पॉकेट रिसीशन” कहा गया है और लगभग 50 वर्ष में इसका इस्तेमाल नहीं किया गया है। वाशिंगटन स्थित अमेरिकी जिला न्यायाधीश आमिर अली ने तीन सितंबर को फैसला सुनाया था कि प्रशासन को यह धनराशि तब तक खर्च करनी होगी जब तक कांग्रेस इसे वापस लेने के लिए कोई कदम नहीं उठाती।
सॉलिसिटर जनरल डी. जॉन सॉयर (Solicitor General D. John Sawyer) ने अदालत में दायर एक याचिका में कहा कि अली के फैसले ने राष्ट्रपति पर अस्वीकार्य प्रतिबंध लगा दिए हैं, जिसमें अन्य बातों के अलावा, प्रशासन को धनराशि खर्च करने के तरीके पर अन्य देशों के साथ कूटनीतिक चर्चा करने के लिए मजबूर करना शामिल है।
ट्रंप के आदेश को चुनौती देने वाला मूल मुकदमा ग्लोबल हेल्थ काउंसिल (Global Health Council) के नेतृत्व वाले विभिन्न समूहों ने दायर किया था।


