वाशिंगटन: (Washington) भारत की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (India’s Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने कहा है कि डिजिटल पहचान और भुगतान से लोगों का जीवन आसान हुआ है। हमने दुनिया की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) सिस्टम का निर्माण करके सरकारी सेवा वितरण को बदलने में सक्षम बनाया है। सीतारमण ने यह बात अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के कार्यक्रम में कही।
सीतारमण ने वाशिंगटन डीसी में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के फायदे भी गिनाए। उन्होंने कहा कि डीपीआई के कारण लोन प्रोसेसिंग की लागत में 75 फीसदी की गिरावट आई है। डीपीआई से कोरोना के दौरान 4.5 अरब डॉलर 16 करोड़ बैंक खाताधारकों के अकाउंट में ट्रांसफर हुए। डीपीआई ने 650 मिलियन लोगों को सहायता प्रदान की है। उइससे भारत सरकार की योजनाओं और सेवाओं में 27 अरब डॉलर से ज्यादा की बचत हुई है।


