
वॉशिंगटन : (Washington) अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ (US Defense Secretary Pete Hegseth) ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि “हमने यह युद्ध शुरू नहीं किया, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में हम इसे खत्म कर रहे हैं।”
हेगसेथ ने पेंटागन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि पिछले 47 वर्षों से ईरानी शासन अमेरिका के खिलाफ “एकतरफा और हिंसक युद्ध” (“unilateral and violent war”) छेड़े हुए है। उन्होंने बेरूत में कार बम धमाकों, अमेरिकी दूतावासों पर हमलों और इराक-अफगानिस्तान में सड़क किनारे बम हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब अमेरिका निर्णायक कार्रवाई कर रहा है।
उन्होंने कहा कि ईरान मिसाइलों और ड्रोन के जरिए अपनी “परमाणु ब्लैकमेल” रणनीति को आगे बढ़ा रहा था और परमाणु कार्यक्रम को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहा था। हेगसेथ के मुताबिक, जून में हुए 12 दिन के इजराइल-ईरान युद्ध के बाद अमेरिका ने तेहरान को चेतावनी दी थी कि अगर उसने परमाणु कार्यक्रम दोबारा शुरू किया तो “कहीं ज्यादा गंभीर परिणाम” होंगे। रक्षा मंत्री ने बताया कि “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के तहत अमेरिकी रणनीति स्पष्ट है—ईरान की आक्रामक मिसाइल क्षमता, मिसाइल उत्पादन, नौसेना और सुरक्षा ढांचे को नष्ट करना। उनका दावा था कि हमले “सर्जिकल, व्यापक और बिना माफी” के किए जा रहे हैं।
‘शासन परिवर्तन युद्ध नहीं’
हेगसेथ ने कहा कि यह युद्ध शासन परिवर्तन के लिए नहीं है, लेकिन घटनाक्रम ने स्थिति बदल दी है। हालिया सैन्य अभियानों में ईरान के शीर्ष नेतृत्व के कई सदस्य, जिनमें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई भी शामिल बताए गए हैं, मारे गए हैं। उन्होंने ईरानी जनता से “इस अवसर का लाभ उठाने” का आह्वान करते हुए कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि “अब आपका समय है।” हालांकि उन्होंने दोहराया कि अमेरिका का उद्देश्य सीधे तौर पर तेहरान की सरकार को हटाना नहीं है।
मीडिया पर निशाना, चार अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हेगसेथ ने मीडिया की आलोचना करते हुए कहा कि यह संघर्ष “इराक जैसा अंतहीन युद्ध नहीं” (“endless war like Iraq”) है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इस युद्ध की शर्तें तय की हैं और अभियान सीमित उद्देश्यों के साथ चलाया जा रहा है। हेगसेथ ने ईरानी जवाबी हमलों में चौथे अमेरिकी सैनिक के मारे जाने की भी पुष्टि की। उन्होंने कहा, “युद्ध हमेशा भयावह होता है। हम अपने उन चार अमेरिकी जवानों को सम्मान देते हैं, जिन्हें हमने खो दिया है।”
पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात के बीच अमेरिका और ईरान के मध्य तनाव चरम पर है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय (international community) व्यापक संघर्ष की आशंका के चलते संयम की अपील कर रहा है।


