
वाशिंगटन : (Washington) ईरान की ओर से सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान नामक अमेरिकी एयर बेस (Prince Sultan Air Base) पर शुक्रवार काे मिसाइलाें और ड्रोन से किए गए हमलाें में 10 सैनिक घायल हाे गए। इसमें दाे की हालत नाजुक है। मीडिया रिपाेर्टस के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यह हमला सऊदी सेना के अल खर्ज स्थित ‘प्रिंस सुल्तान एयर बेस’ पर हुआ, जिसमें उस इमारत को निशाना बनाया गया जहाँ अमेरिकी सैनिक मौजूद थे। ईरान ने इस हमले को अंजाम देने के लिए मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया, जिससे इस हमले में कम से कम दो केसी-135 हवाई रीफ्यूलिंग विमानों को भी काफी नुकसान पहुंचा।
अमेरिकी वायु सेना (US Air Force) की 378वीं एयर एक्सपीडिशनरी विंग 2019 से ही प्रिंस सुल्तान बेस पर तैनात है। करीब एक महीने पहले ईरान से युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 300 से ज़्यादा अमेरिकी घायल हो चुके हैं और 13 मारे गए हैं।इसके पूर्व, सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस (Prince Sultan Air Base) पर हुए हमले में एक अमेरिकी सैनिक घायल हाे गया था और बाद में उसकी मौत हो गई थी। इसके अलावा प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर भी एक अलग हमला हुआ था, जिसमें 14 लोग घायल हो गए थे। वहीं, लड़ाई शुरू होने के कुछ घंटों बाद कुवैत में एक अमेरिकी फैसिलिटी सेंटर पर ईरानी हमले में छह और मारे गए थे। इराक के ऊपर एक अमेरिकी रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट के क्रैश में छह और मारे गए। पिछले चार हफ़्तों में ईरान ने अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों पर जवाबी हमले किए हैं, जिसमें प्रिंस सुल्तान एयर बेस जैसी अमेरिकी मिलिट्री मौजूदगी वाली जगहें भी शामिल हैं। सऊदी की राजधानी रियाद (Saudi capital, Riyadh) से करीब 60 मील दूर इस बेस को रॉयल सऊदी एयर फ़ोर्स चलाती है और इसका इस्तेमाल अमेरिकी एयर फ़ोर्स का 378वां एयर एक्सपेडिशनरी विंग करता है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत में आ रही रुकावटों के बीच अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी से ईरान पर हमले शुरू किए थे। गुरुवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका, ईरान के ऊर्जा स्थलों पर 10 दिनों तक हमले नहीं करेगा, ताकि युद्ध को समाप्त करने के लिए आगे की बातचीत को समय मिल सके।
दूसरी ओर शुक्रवार को ईरान ने इजराइल पर आरोप लगाया कि उसने एक ऊर्जा संयंत्र सहित अन्य बुनियादी ढाँचों पर हमले करके, ट्रंप द्वारा घोषित 10 दिनों की मोहलत का उल्लंघन किया है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब राष्ट्रपति ट्रंप (President Trump) कभी शांति का वादा कर रहे हैं, तो कभी महत्वपूर्ण नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर हमले तेज कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि शांति वार्ता चल रही है और अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है। हालांकि ईरानी अधिकारियों ने इस दावे पर असहमति जताई है और इसके साथ ही इस क्षेत्र में अमेरिकी सेना को मजबूत करने के लिए और अधिक युद्धपोत और हजारों सैनिक तैनात किए गए हैं।
सऊदी अरब में हुआ सबसे हालिया हमला इस इलाके में मिसाइल इंटरसेप्टर की कमी को दिखा सकता है क्योंकि अमेरिका-ईरान युद्ध को एक महीना होने वाला है। कई हफ़्तों से यह चिंता बनी हुई है कि अरब देशों के पास इंटरसेप्टर बहुत कम हैं और इस महीने की शुरुआत में कुछ अमेरिकी सहयोगी देशों ने व्हाइट हाउस को चेतावनी दी थी कि उन्हें यह चुनने के लिए मजबूर किया जा रहा है कि किन चीज़ों को उड़ाया जाए और किनको नहीं।


