विदिशा : (Vidisha) मध्य प्रदेश के विदिशा जिले (Vidisha district, Madhya Pradesh) में रविवार को बड़ा हादसा टल गया। यहां शमशाबाद विधानसभा के नटेरन थाना अंतर्गत ग्राम जोहद के पास एक स्कूल की बस अनियंत्रित होकर सगड़ नदी के 12 फीट ऊंचे पुल से नीचे (Sagar River near Johad village, under the Nateran police station area of the Shamshabad assembly constituency) गिर गई। बस में 49 स्कूली बच्चे सवार थे, जिनमें से करीब 28 बच्चे घायल हो गए। बस बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण के लिए सांची ले जा रही थी। बस में चालक के अलावा स्कूल के चार स्टाफ सदस्य भी मौजूद थे। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।
जानकारी के मुताबिक, हायर सेकेंडरी स्कूल बहादुरपुर के छात्राें और स्टाफ को बस से सांची ट्रिप पर ले जाया जा रहा था। बच्चों की बस सुबह 8 बजे सांची के लिए निकली थी। हादसा बहादुरपुर से करीब 80 किलोमीटर दूर नटेरन थाना क्षेत्र में सुबह साढ़े 10 बजे हुआ। ज़ोहद के पास नदी का पुल संकरा है। जैसे ही बस सगड़ नदी के पास पहुंची, तभी सामने से आ रहे एक वाहन को रास्ता देने के दौरान ड्राइवर ने बस को किनारे किया। इसी दौरान बस बेकाबू होकर सीधे नदी में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत बच्चों और स्टाफ को बाहर निकालने में मदद की। हादसे में 28 बच्चे घायल हुए हैं। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और नटेरन थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। घायल बच्चों में से कुछ को सरकारी अस्पताल गंजबासौदा में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायल कुछ बच्चों को जिला अस्पताल विदिशा रेफर किया गया है। अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है। राहत की बात यह रही कि जिस जगह बस गिरी, वहां नदी में पानी नहीं था। हादसे की जानकारी लगते ही क्षेत्रीय विधायक हरि सिंह रघुवंशी (Regional MLA Hari Singh Raghuvanshi) अस्पताल पहुंचे हैं। उन्होंने बच्चों का हाल-चाल जानकर जरूरी उपचार करने की निर्देश दिए। मिली जानकारी मुताबिक, बस ओवरलोड थी, क्योंकि 35 सीटर बस में 47 बच्चे 5 टीचर और 1 ड्राइवर सवार था।
स्कूल बस में मौजूद रहे शिक्षक अशोक ठाकुर (Ashok Thakur, a teacher on the school bus) ने बताया कि सुबह करीब 8:30 बजे बच्चों के साथ हम तीन शिक्षक स्कूल से रवाना हुए थे। हमारे साथ एक प्यून भी था। स्कूल से करीब 80 किलोमीटर दूर जोहद पुल पर जैसे ही बस पहुंची, सामने से एक और बस आ गई। हमारी बस के ड्राइवर ने साइड देने की कोशिश की। इसी दौरान बस सूखी नदी में गिर गई। मैंने ड्राइवर महाराज सिंह को आवाज दी। लेकिन तब तक ड्राइवर बस से निकलकर भाग गया। हम तीनों शिक्षकों और चपरासी ने बच्चों को बस की खिड़की से निकालना शुरू किया। मैं सबसे पहले बस से बाहर आया और बच्चों को सूखी नदी में ही बैठाना शुरू कर दिया। तब तक पुल से गुजर रहे लोग हमारी मदद को आ गए। उन्होंने पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। करीब 15-20 मिनट बाद प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस पहुंच गई। मैं पुलिस के साथ एक बार फिर से बस के अंदर ये देखने गया कि कोई बच्चा अंदर तो नहीं रह गया है। सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं। फिलहाल रेस्क्यू और बचाव कार्य जारी है।
डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने मौके का मुआयना कर लिया है और बस हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। राहत और बचाव कार्य देर तक चलता रहा। प्रारंभिक जांच में पता चला कि बस का बीमा, फिटनेस प्रमाण पत्र और टूर/परिवहन परमिट मौजूद नहीं था। इसके अलावा बस का चालक नशे की हालत में तेज रफ्तार से बस चला रहा था। हादसे के तुरंत बाद चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की गहन जांच में जुटे हैं। अधिकारी बता रहे हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और फरार बस चालक की तलाश भी तेज कर दी गई है।


